अलीम खान
अमेठी. सूबे की योगी सरकार में अपनी बेबाक छवि के चलते मुस्लिमों की नुमाइंदिगी कर रहे ज़िले के प्रभारी मंत्री मोहसिन रज़ा फिलवक्त सोशल मीडिया पर लोगों की आंखों का तारा बनें हैं। उसकी अहम वजह ये है के पोस्ट और मुकाम पानें के बाद जहां बहुतेरे सियासतदां अपनी ज़मीन भूल जाते हैं, वहीं श्री रज़ा अपनी ज़मीन को याद रखा है। दो दिन पूर्व अपने पैतृक गांव सफ़ीपुर उन्नाव में इंसानियत को बचाने वाले हज़रत इमाम हुसैन की याद में निकले जुलूस में उन्होंने शिरकत कर सीनाज़नी पेश की। जिस पर स्वयं उन्होंने और उनके इस क़दम पर उलमाओं ने कुछ ऐसी प्रतिक्रिया दी।
कर्बला की कुर्बानी ने इंसानियत को बचाया
राज्यमंत्री मोहसिन रज़ा से जब इस बारे में बात की गई आप सियासत में रहकर इस तरह मज़हबी कामों में मंज़रे आम पर आकर हिस्सा ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि सियासत और दीन अलग-अलग नहीं है। इस्लाम खुद सियासत का हुक्म देता है, खुद हज़रत इमामें हुसैन ने यजीद की बातिल सियासत को अपनी हक़ की सियासत से कुचला था। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को इंसानियत ही का पैगाम दिया है और कर्बला की कुर्बानी ने इंसानियत को बचाया है।
*हमारी सरकार में अमन से निकला जुलूस, पिछली सरकार ने उलमाओं पर बरसवाई थी लाठियां*
बातचीत में मंत्री श्री रज़ा ने आगे कहा कि पूर्व की सरकार को ही देख लीजिए, वहां मज़हब की बात करने वाले बैठे थे और उनकी शह पर लखनऊ के इमामबारगाह पर ताले लटकाए गए। उलमाओं के ऊपर लाठियां बरसाई गई, जिसमें एक आलिम की शहादत भी हुई। जबकि हमारी सरकार बनते ही पहली बार अमन और सुकून के साथ लखनऊ में जुलूस निकला, जिसमें परिंदा पर भी नहीं मार सका।
उलमा बोले इंसानियत और तालीम पर करें फोकस, वक्फ़ खोर को दिलाए सज़ा
उधर योगी के इन मंत्री द्वारा इस तरह जुलूस में शिरकत किए जानें पर जेएनयू के रिसर्च स्कालर मौलाना अदीब हसन जैदपूरी ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि इज्ज़त हुसैन के दरबार से ही मिलती है, जो उन्हें मिली अब वो इंसानियत के काम आए तो मक़सदे हुसैन कामयाब होगा।
वहीं मौलाना असकरी खान ने कहा कि फिलहाल बीजेपी सरकार ने जिस तरह से मोहर्रम और अज़ादारी में सहयोग दिया वो काबिले तारीफ है। श्री खान ने कहा के मंत्री मोहसिन रज़ा का ये क़दम काबिले तारीफ है लेकिन वो जल्द से जल्द वसीम रिजवी जैसे वक्फ़ के लूटेरों को सलाखों के पीछे पहुंचवाए तो मक़सदे हुसैन और कामयाब होगा। इसी क्रम में मंत्री के क़दम को सराहते हुए मौलाना जैनुल आबेदीन हाशमी ने कहा की मुसलमानों की तालीम खासकर मुस्लिम बेटियों की तालीम के लिए यदि मंत्री कोई अच्छी तहरीक (योजना) लागू कराए तो इससे इमाम हुसैन के मक़सद और दीन दोनो का फाऐदा होगा।




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