सुनील गिरि
हापुड़:उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के पिलखुआ के रहने वाले आतंकी अब्दुल करीम टुंडा पर 1996 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में टुंडा को सोनीपत की अदालत ने उम्र कैद व 50 हजार रुपए की सजा सुनाई है। इस मामले की सुनवाई सोनीपत कोर्ट में चल रही थी आतंकी टुंडा को पुलिस ने टुंडा को साल 2013 में नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। आज सोनीपत कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने पर आतंकी टुंडा के रिश्तेदारों ने कहा कि अगर उसको सजा हुई है तो कोर्ट ने सही किया है जो इंसान देश के साथ गद्दारी करे उसको उम्र कैद की सजा तो बहुत कम है वही जब सजा के बारे में पड़ोस के लोगो से बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि ऐसे देश के गद्दार को उम्र कैद की सजा बहुत कम है ऐसे लोगो को तो फांसी की सजा मिलनी चाहिए कोर्ट ने जो फैसला दिया है वो बिल्कुल सही है।
आपको बतादे की आतंकी टुंडा के पिता तांबा, जस्ता व एल्युमिनियम जैसी मेटल को गलाने का काम करते थे। टुंडा ने भी बढ़इगीरी से कैरियर की शुरूआत की, फिर कबाड़ी का काम किया और एक समय हेम्योपैथिक दवा की दुकान चलाई। हालाँकि यह धंधा उसे रास नहीं आया और कपड़ा बेचने की दूकान कर ली जिसमें उसे घाटा उठाना पड़ा। इसके बाद वह कुछ रिश्तेदारों के पास अहमदाबाद चला गया। यहां उसने मुमताज नाम की औरत से दूसरी शादी की। दोनों की उम्र में 29 साल का अंतर है। अहमदाबाद शहर में भी टुंडा ने कुछ दिनों तक कबाड़ी का काम किया ।


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