अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। थाना हर्रैया छेत्र में तेन्दुए के हमले में एसएसबी जवान सहित दो लोग घायल हुए हैं। घटना स्थानीय थाना क्षेत्र के जयसिंहडीह गांव में बुधवार सुबह हुई है। गांव के आस-पास चार तेंदुए देखे जाने की बात कही जा रही है। उन्हें भगाने के लिए ग्रामीणों ने हांका लगाया। तेंदुओं के देखे जाने से आधा दर्जन गांवों में दहशत है।
जानकारी के अनुसार जयसिंहडीह गांव बरहवा रेंज के गनेशपुर बीट से करीब पांच किलोमीटर दूर है। बुधवार सुबह गांव के आधा दर्जन लोग पूरब दिशा में शौच करने गए थे। गांव के बाहर खेत में साही के कांटे बिखरे नजर आए। कांटे करीब दो सौ मीटर की परिधि में फैले हुए थे। धीरे-धीरे यह बात आस पास के गांव में फैल गई। दूसरे गांव के लोग जयसिंहडीह में आने लगे। खबर सुनकर गदाखौवा निवासी 35 वर्षीय अफजल पुत्र निजाम भी जयसिंहडीह आ रहा था। धान के खेत में छुपे तेंदुए ने अचानक अफजल पर हमला कर दिया। अफजल तेंदुए से काफी देर तक भिड़ा रहा। बताया जाता है कि अफजल के पैर से मारने पर तेंदुआ भागकर गन्ने के खेत में छुप गया। घटना की जानकारी वन विभाग, पुलिस व एसएसबी को दी गई। देर शाम तक वन विभाग के लोग गांव में नहीं पहुंचे थे। एसडीएम किशोर गुप्ता, सीओ दीप नरायण तिवारी, प्रभारी निरीक्षक एसके त्रिपाठी व एसएसबी नौवी वाहिनी सिरिया नाका के जवानों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया। एक साथ दो तेंदुए देखकर ग्रामीणों के उड़े होश: ग्रामीणों ने तेंदुए को खदेड़ने के लिए अपराह्न तीन बजे के बाद हांका लगाया। गन्ने के खेत में छुपकर बैठे दो तेंदुओं को भागते देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। तेंदुए फिर खेत में जाकर छुप गए। इसी बीच धान के खेत से निकले तेंदुए ने एसएसबी जवान किशोर कुमार सिंह पर हमला कर दिया। हाथ व पैर में तेंदुए के पंजे से गहरा जख्म हो गया। जवान के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने तेंदुए को दौड़ाया। हांका लगाने के दौरान दो तेंदुए जंगल की ओर भागते देखे गए। आधा दर्जन गांवों में फैला तेंदुए का खौफ: घटना से नेवासपुर, रेहरा, सहियापुर, जगदीशपुर, लालनगर, अहलादडीह व मदरहवा आदि गांव में दहशत फैल गई है। शाम होते-होते लोगों ने बच्चों को घरों में कैद कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि एक साथ चार तेंदुए कभी नहीं देखे गए हैं। हो सकता है कि वे साही का पीछा करते-करते गांव तक पहुंच गए हों। ग्रामीणों का आरोप है कि वन कर्मी सूचना के बावजूद गांव तक नहीं आए हैं। तेंदुए के डर से रात भर लोग सो नहीं सके।
गांव में लगाई गई पुलिस
एसडीएम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। गांव में पुलिस लगाई गई है। तेंदुओं की संख्या कितनी है यह अभी स्पष्ट नहीं है। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। संभावना है कि तेंदुए रात में जंगल की ओर लौट जाएंगे।


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