छात्र हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, प्रत्यक्षदर्शी युवक ने की हत्या
शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र मे सोमवार की सुबह हुई छात्र की हत्या का पर्दाफाश करते हुये पुलिस ने बुधवार को हत्यारोपी को मय असलहे समेत जेल भेज दिया। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के समसपुर पूरे हरिकिशुन गांव निवासी रामसजीवन यादव के पुत्र हरदेव यादव (18) की सोमवार की सुबह नेशनल हाईवे के समीप शिवबहादुर गुप्ता के मकान के समीप मड़हे मे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना को लेकर मृतक के पिता ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का अभियोग पंजीकृत कराया था। घटना के समय मड़हे मे मृतक छात्र के साथ शिवबहादुर गुप्ता का पुत्र सुनील गुप्ता ही मौजूद था और तब उसने शोर मचाते हुये पुलिस को गांव के अपने ही दो विरोधी लोगों द्वारा खुद की हत्या करने आये बदमाशों द्वारा हरदेव को गोली मारे जाने की बात बतायी थी। यहां तक की आरोपी सुनील गुप्ता के पिता शिवबहादुर गुप्ता ने गांव के देा लोगों की नामजदगी करते हुये पुलिस को तहरीर भी सौप रखी थी। किंतु परिजन उसकी बात से सहमत नहीं हुये और पिता ने पुलिस को अज्ञात के खिलाफ बेटे की हत्या की तहरीर सौंपी। हालांकि सोमवार को घटना के दोपहर बाद ही जिले की स्वाट टीम एवं कोतवाली पुलिस आरोपी सुनील गुप्ता को पूछताछ के लिये कोतवाली उठा ले आयी थी। पुलिस को जेल से छूटे गैंगेस्टर के आरोपी युवक की आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहराये शक के चलते स्वाट टीम आरोपी पर शिंकजा कस रखा था। इस बीच मंगलवार को तत्कालीन कोतवाल बालेन्दु गौतम को एसपी ने निलंबित कर दिया। नये कोतवाल तुषार दत्त त्यागी ने आरोपी से कडी पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने घटना मे खुद के शामिल होने की बात कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील गुप्ता ने बताया कि घटना की सुबह उसके पिता टहलने गये थे और वह खुद भी टहल कर वापस लौटा था। सुनील के मुताबिक दीपावली के एक दिन पहले वह जेल से रिहा हुआ था। घटना की सुबह टहलकर वापस आने पर उसने मृतक हरदेव को अपनी बीस वर्षीया बहन के साथ खम्भे की आड़ मे बात करते देख लिया। सुनील के मुताबिक बहन के साथ बातचीत को लेकर जब उसने मृतक से पूछताछ की तो वह टालमटोल करने लगा। बहन की इज्जत के साथ खिलवाड को लेकर वह गुस्से मे आ गया और उसने अपने पास रखे तमंचे से हरदेव को सीने से सटाकर गोली मार दी। हरदेव को मृत देख वह डर गया तथा तमंचे को झिल्ली मे लपेटकर एक अखबार के साथ अपने मकान के पीछे तालाब के बगल धान के खेत मे छिपा दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी सुनील गुप्ता ने बताया कि इस बीच उसके पिता भी आ गये और वह अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से भागना चाहता था किंतु पिता ने कहा कि मैं फौजी हूं अगर तुम भागोगे तो फंस जाओगें तब मेरे पिता ने मुझे भागने नहीं दिया और हम लोगों ने गांव मे पहले से चली आ रही रंजिश को लेकर दो लोगों पर हत्या किये जाने की योजना बना डाली। कोतवाली पुलिस ने सुनील द्वारा घटना के बाबत दी गई जानकारी के तहत उसे पुलिस अभिरक्षा मे तालाब के पीछे धान के खेत मे ले गयी जहां से आरोपी द्वारा बताये गये स्थान से हत्या मे प्रयुक्त तमंचा एक अदद बारह बोर व कारतूस का एक खोखा तथा दो जीवित कारतूस बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी सुनील गुप्ता को बुधवार को जेल भेज दिया।


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