अमरजीत सिंह
फैजाबाद:प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने की घोषणा तथा क्रियान्वयन के लिए उच्च अधिकारियों के तबादले के बावजूद पूर्व की सरकारों मे तैनात कार्यालयों मे मे बाबुओं खंड स्तर के अधिकारियों के बने रहने के कारण की जाने वाली बडी बडी घोषणाएं कागजी और जन मानस के लिए ख्याली पुलाव बनकर रह गया है भ्रष्टाचार की नींव औऱ सुविधा शुल्क देने की दीवार आज भी सोहावल तहसील और विकास खंड मे दिखाई देती है और आलाधिकारी चाह.कर भी उस ओर ध्यान देना ठीक नहीं समझते जिससे रिश्वत खोरी का धंधा जोर शोर से फैला हुआ है और अधिकारी मूक दर्शक बन शिकायतों पर जांच कार्यवाही भी उन्हीं कर्मियों को देकर खानापूर्ति करने पर विवश है और शिकायत कर्ता की शिकायत की स्थिति बनी की बनी रहती है परेशान होकर पीडित चुप्पी साधना ही बेहतर समझते हुए घरों मे बैठ जाता है
सोहावल विकास खंड तथा तहसील क्षेत्र मे पूर्व की सपा सरकार के कार्यकाल मे गरीबों को पात्रता सूची मे शामिल करने मे घोर धांधली होने की परस्पर शिकायतें थी जिसे निवर्तमान सरकार के प्रदेश अध्यक्ष केशो प्रसाद मौर्या ने भ्रष्टाचार चार मुक्त प्रशासन देने की तथा सूची से गायब हुए गरीबों को जांचकर शामिल किए जाने का वायदा लखनऊ से आयोध्या जाते समय बरई खुर्द स्थिति स्वागत मंच से किया सरकार बदली जिला स्तर परभारी फेरबदल करते हुए सीडीओ डीएम सहित सभी उच्च अधिकारियों का तबादला भी हुआ नई सूची तैयार करने के लिए सर्वे भी कराया गया लेकिन यह सर्वे आम जनता मे न होकर महज ग्राम प्रधानो के घर तक ही बनकर रह गया और कुछ ग्राम प्रधानो की मनमर्जी तथा तहसील मे तैनात कम्प्यूटर आपरेटर बाबू के साथ सम्बंधित अधिकारी की रिश्वत खोरी के बीच सिमट कर रहा परिणाम स्वरुप अधिकारी ने कई ग्राम प्रधान कोटेदार का नाम शामिल तो कर दिया लेकिन भूमिहीन असहाय बरई कला निवासी रामबहादुर रामहेत संजय पुत्र राम सुमेर सहित रतन पुर बहादुर यादव कोटडिह मुस्तफाबाद देवराकोट की ग्राम सभाओ सहित सैकडो को सूची मे नाम पैसा न देने के कारण शामिल नही हो सका आज भी चक्कर काटरहे है तमाम शिकायतों के बाद भी हालात जैसे की वैसी बनी हुई है हां एक सर्वे के दौरान एक ग्राम सभा जो सूची मिली शासन प्रशासन से परे चौकाने वाली रही कोटडिह सरैंया मे पी सी एस अधिकारी की मां भाभी सहित घर के तीन सदस्यों तथा एक परिवार मे भारी भरकम खेती के साथ पूर्व अध्यापक ट्रेक्टर ट्राली केसाथ कार की मौजूदगी के बावजूद पात्र गृहस्थी मे मिलने वाली सभी सुविधाओं से युक्त पाया गया ऐसे मे प्रदेश सरकार की घोषणाएं कितनी कारगर हुई इसका जबाब शायद ही किसी के पास होगा अंततोगत्वा एक ही अर्थ है सरकार बदल गयीं शासक बदले उच्च अधिकारी बदले नहीं बदला तो कार्य को अंजाम देने वाले तहसील विकास खंड के अधिकारी जिससे व्यवस्था मे बदलाव कैसे होगा यह कोई नहीं जानता दुनिया बदले रब बदले नहीं बदला भ्रष्टाचार चार पहले सीधे हाथ से कम और अब टेबल के नीचे से ज्यादा वाह.मोदी वाह जोगी


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