अमरजीत सिंह
फैजाबाद:जिले के सोहावल तहसील क्षेत्र थरेरु घाट से बालू खनन मे खनन ठेकेदार के समर्थन मे जिला खनन अधिकारी आशीष दूबे ग्रामीण एवं शासन सत्ता के पक्ष मे विधायक पुत्र अमित सिहं चौहान आमने सामने हुए।दोनों मे घाट पर ही गांव के शिकायत कर्ता तथा खनन कर्मियो के सामने हुई कानूनी जंग ।खनन अधिकारी के समर्थन मे राजस्व निरीक्षक प्रियदम्बा मिश्र मे उतरी ।वगैर समस्या हल किये ही मानक के विरूद्ध खनन न करने की हिदायत देते हुए उपजिलाधिकारी अवधेश बहादुर सिंह तहसीलदार घाट से हुए रवाना ।
सोहावल तहसील क्षेत्र थरेरु घाट का बालू खनन ठेकेदार द्वारा दयानाथ पान्डे ।सहित आधा दर्जन ग्रामीणों के बाग एवं1986मे वृक्षारोपण की गई ग्राम समाज के पेडो को काटकर वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता बनाने गांव के साथ ही बालू खनन करने से आने वाले समय मे नदी के उफान पर बाढ की चपेट आने की आशंकाओ के साथ रात दिन खनन करने की शिकायतें जिलास्तर के वन संरक्षण , जिलाधिकारी ,मंडलायुक्त, खनन अधिकारी,से विगत एक अक्तूबर से स्थानीय ग्रामीणों ने की ।कोई कार्यवाही नहीं होने पर प्रदेश मुख्यमंत्री से भी की ।जिसकी जानकारी विकापुर विधायक शोभा सिहं चौहान को हुई।विधायिका ने अपने पुत्र अमित सिंह चौहान को भेजकर समस्याओं का निदान कराने के लिए एस डी एम सोहावल तहसील दार के साथ थरेरु घाट पर भेजा।जिसकी भनक खनन ठेकेदार को मिल गई।खदान पर चल रही तीन पुकलैंड सहित दोजेसीबी मशीन ही बंद कर दी।मौके पर जिला खनन अधिकारी का जबाब हर किसी को चौकाने वाला रहा।चौहान ने मानक का जीवो.मांगा।उसे मौके पर लेने के बदले कार्यालय मे लेने अथवा नेट द्वारा स्वयं निकालने की सीख अधिकारी ने दे डाली ।बात आगे बढी ।गहराई का मीटर नापने की बात से इंकार करते हुए नदी पानी से खनन होने के बावजूद उससे भी स्पष्ट इंकार किया।तथा काम कितने बजे सुबह से शाम कितने बजे तक होने का शासनादेश की बात आई।जिसे समय का सही जबाब न देकर रौशनी रहने तक खदान होने का ग्रामीणों के साथ अधिकारियों मौजूदगी मे अपनी कार्यशैली को संदेहास्पद बना दिया।जिससे खनन ठेकेदार से खनन अधिकारी की मिली भगत का स्पष्ट प्रमाण मिलता देख बिना कार्यवाही के वापस हो ही रहे थे ।इसी बीच बाग से जबरन रास्ता बना लेने की बात आई। जिसे राजस्व निरीक्षक मैडम प्रियम्बा मिश्रा का जबाब और भी चौकाने वाला रहा ।निरीक्षक ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ठेकेदार ने शासन द्वारा पहले अधिक धन राशि के साथ महज पांच माह के लिए पट्टा नही ठेका दिया है ।ऐसे मे बाग मालिक भी केवल पैसा पाने के लिए ऐसा कर रहे हैं और कोई रास्ता नही है ।ऐसे मे बालू कैसे निकाली जाऐगी।अधिकारी को बालू ठेकेदार के खुला समर्थन करता देख पीडित ग्रामीणों सहित एसडीएम सोहावल तहसीलदार ने अपनी राह पकडी इस बाबत मे विधायिका शोभा सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जानकारी विडियो फुटेज के साथ मुख्यमंत्री से की जाऐगी जिससे लिप्त अधिकरियो के प्रति कार्यवाही कर स्थानीय पीडित किसानों को न्याय दिलाया जाऐगा


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