रोजगार के लिए खाड़ी देशों में जाने वाले प्रवासी
श्रमिकों के लिए जागरूकता व् सहायता केंद्र शीघ्र
पट्टी / प्रतापगढ़: तरुण चेतना द्वारा भारतीय प्रवासी
श्रमिकों की सहायता के लिए प्रतापगढ़ व् सुल्तानपुर में जल्द ही “प्रवासी सन्दर्भ
केंद्र” खोला जायेगा, जिसमें प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं व् वकीलों के माध्यम से क़तर, दुबई व् अन्य खाड़ी देशों में
रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों को मदद और सुरक्षित व् वैध प्रवासन के लिए प्रशिक्षित
व् जागरूक किया जायेगा.
उक्त
जानकारी देते हुए आस्क इंडिया, गुरुग्राम सीनियर मैनेजर मानस भट्टाचार्य ने बताया
कि अमेरिका के श्रम विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम को वेरिटे और
आस्क – इंडिया ने उत्तर प्रदेश के 06 जिलों में चलाये जाने का प्लान किया है,
जिसमें प्रतापगढ़ व् सुल्तानपुर में कार्यक्रम के सञ्चालन की जिम्मेदारी तरुण चेतना
संस्था को दी गयी है, जिसके लिए दोनों जिलों में आधारभूत सर्वेक्षण का कार्य जारी
है. इस कार्य के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवासी मंत्रालय का भी सहयोग लिया
जायेगा. श्री मानस ने बताया कि खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाने वाले ये श्रमिक
बहुत कम पढ़े लिखे होते है जो अनधिकृत दलालों के चंगुल में फंसकर अपना सब कुछ गवां
बैठते है. ये श्रमिक बीजा आदि के लिए अपनी जमीन बेंच कर इन अनधिकृत दलालों को देते
है फिर भी रोजगार नहीं पाते है. और कभी कभी तो इन्हें बहका कर अपने देश के किसी
एयरपोर्ट पर ही उतार दिया जाता है और यदि किसी तरह खाड़ी देश चले भी गए तो अच्छी
नौकरी दिलाने का लालच देकर इनसे मुहँ माँगा पैसा वसूल कर इन्हें खजूर तोड़ने, ऊंट
चराने या रेगिस्तान में खेती करने जैसे काम दे दिया जाता है. इतना ही नहीं इन्हें
कार्य वीजा के स्थान पर टूरिस्ट वीजा पकड़ा दिया जाता है और वहां इन्हें भूमिगत या
दूसरों के रहमोकरम पर जिंदगी गुजारनी पड़ती है और ये श्रमिक बेचारे चाह कर भी वापस
अपने वतन नहीं आ पातें है.
इस अवसर पर तरुण चेतना के निदेशक नसीम अंसारी
ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासन को रोकना नहीं बल्कि उनके प्रवासन
को सरल व् सुरक्षित बनाना है, जिसके अंतर्गत दोनों जिलों में प्रवासी सहायता
केंद्र खोले जाने के साथ साथ खाड़ी देशों में रोजगार के लिए तैयारी करने वाले
श्रमिकों का सरल व् सुरक्षित प्रवासन के लिए यात्रा पूर्व प्रशिक्षण व् विधिक
साक्षरता कैम्पों के जरिये उन्हें जागरूक किया जायेगा ताकि ये श्रमिक किसी दलाल के
चंगुल में न फंसे. श्री अंसारी के अनुसार यदि कोई श्रमिक यदि किसी कारणवश विदेश या
अपने देश में फंस भी गया तो नेटवर्क द्वारा उसे निःशुल्क कानूनी मदद भी दी जाएगी. इसके
लिए मिडिया व् सरकारी विभागों सहित विभिन्न हितगामियों की मदद भी ली जाएगी.


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