सत्येन्द्र खरे
15 दिन में निर्माण पूरा न होने पर होगी रिपोर्ट
कौशांबी : ग्राम प्रधान व सचिव ने शौचालय निर्माण को लेकर लापरवाही दिखाई। जिसके कारण गांव को मिले शौचालय का निर्माण पूरा नहीं हो सका। डीपीआरओ के मार्निंग फालोअप में इसका खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने प्रधान व सचिव को 15 दिनों में काम पूरा कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि समय रहते गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं किया गया तो दोनों के खिलाफ एफआइआर कराया जाएगा। शौचालयों के निरीक्षण के बाद उन्होंने गांव के लोगों के बीच चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी।
सिराथू विकास खंड के बंबूपुर गांव में डीपीआरओ ने मार्निंग फालोअप किया। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि गांव में 200 शौचालय आए थे। इसकी धनराशि भी गांव में भेजी जा चुकी है। धन मिलने के बाद भी ग्राम प्रधान व सचिव ने मात्र 118 शौचालय का ही निर्माण कराया है। इन शौचालयों में पानी की टंकी का निर्माण नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि 18 शौचालय निर्माणाधीन हैं। निर्माण की धीमी प्रगति को लेकर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही प्रधान व सचिव को पटकार लगाते हुए कहा कि 15 दिनों में निर्माण कार्य सही नहीं हुआ तो दोनों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
निरीक्षण के बाद उन्होंने कई विकास खंड के अन्य ग्राम पंचायतों के साथ ही गांव में चौपाल लगई। लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ ही निर्देश दिया कि गांव में चल रहे शौचालय निर्माण का काम किसी भी दशा में प्रभावित नहीं होना चाहिए। जिले को समय से ओडीएफ घोषित किया जाना है। इसको लेकर किसी ने लापरवाही की तो कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने गांव में चल रहे विकास कार्यों के विवाद को हर दशा में गांव में ही निपटाने का भी निर्देश दिया।
प्रधान व सचिव होंगे जिम्मेदार
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रधानों की ओर से कहा जा रहा है कि वह लाभार्थी को शौचालय निर्माण का धन दे देते हैं। ऐसे में शौचालय निर्माण की गड़बड़ी को लेकर उनपर कार्रवाई न की जाए। कहा कि प्रधान लाभार्थी को धन देने के बाद अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। किसी भी मद को लेकर गांव में धन आता है तो उसके निगरानी की जिम्मेदारी प्रधान व सचिव की है। गड़बड़ी होने पर वह दोषी माने जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।


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