अलीम खान
अमेठी।सत्ता किसी की भी हो, शासन कितना ही सख्त क्यों न हो, पर यूपी पुलिस अपनी कमाई का कोई न कोई ढर्रा खोज ही निकाल लेती है। अब ज़िले की क्रीम कोतवाली में गिनी जानें वाली अमेठी कोतवाली के कोतवाल को ही ले लीजिए। जनाब ने सड़क किनारे खड़े वाहनों को कब्जे में लेकर 2500 रुपए वसूलने शुरु कर दिये हैं। हैं न ये यूपी पुलिस का बिल्कुल नया खेल।
यहां निवास करती हैं बीजेपी विधायक
आपको बता दें अमेठी ज़िले का शुमार वीवीआईपी ज़िलों में होता है, इसलिए क्या गांव, क्या मोहल्ले और क्या थानें और कोतवाली सब ही अपना महत्व रखते हैं। इन सब में अमेठी कोतवाली का अपना अलग ही स्टेटर्स है। इसलिए के गांधी परिवार का जहां यहां बहुत सालों से जुड़ाव है वहीं, राजघराने की हवेली यहीं बस्ती है। ऐसे में बराबर ही यहां वीआईपीज़ का आना-जाना बना रहता है। सोने पर सुहागा ये के फिलवक्त यहां की विधायक राजघराने की पहली बहू रानी गरिमा सिंह जो ठहरी।
विवादों से रहा है कोतवाल का चोली-दामन का साथ
ऐसे वीआईपीयों के इलाके में विवादों से चोली-दामन का साथ रखने वाले अमेठी कोतवाली के प्रभारी भरत उपाध्याय ने गुरुवार शाम को चेकिंग लगा दिया। प्रभारी महोदय के निशाने पर थे सड़क के किनारे खड़े वाहन।
कब आया रूल के सवाल पर बगले झांकते रहे कोतवाल
महोदय ने सड़क पर खड़े दर्जनों वाहनों को कब्जे में लिया 2500 -2500 रुपये का जुर्माना काटा।
उनसे सवाल हुआ के ये निर्देश कब आया तो वो बगले झांकते रहे। लेकिन महोदय के इस क़दम ने सवाल दर सवाल खड़े कर दिये।
सवाल
ज़िले को बनकर तैयार हुए क़रीब 7 सालों से अधिक समय गुज़र गया शासन-प्रशासन ने समूचे ज़िले खासकर अमेठी कोतवाली इलाके में पार्किंग एरीये का निर्माण कहाँ कराया है?
गाँव-देहात से आनें वाला आम आदमी अमेठी मार्केट करने आएगा तो क्या पार्किंग न होने के अभाव में बाइक अपने कांधो पर उठाकर मार्केटिंग करेगा?
मीटिंग में व्यस्त रहे ज़िम्मेदार
बहरहाल जब इस मामले पर एएसपी बी.सी.दुबे से बात की गई तो उन्होंने कहा के कल मतगणना होनी है, इसलिये वो उससे सम्बंधित मीटिंग हैं। ये जांच का विषय है, और इसे दिखवाया जायेगा।

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