कठपुतली बने रेलाधिकारी
गोण्डा।मुख्यालय का रेल प्रशासन रंगदारी वसूलने वालो के आगे बौना बनकर कठपुतली बना हुआ है।ऐसे लोगो के पहुचने पर यहां के अधिकारी भीगी बिल्ली बनकर उनके हर आदेश का पालन कर रहे है।
रेल अधिकारी किसी द्वारा शिकायत करने की आस में लगे रहते है कि शिकायत करें फिर उसके आधार पर कार्यवाई के नाम पर वसूली करे यही कारण है कि रेल आवासो के चारो तरफ रेल बाउंड्री होनी चाहिए अधिकांश बाउंड्री टूट गयी है या रेल के स्थानीय अधिकारियों ने सुविधा शुल्क लेकर रेल की बाउंड्री तोड़वा ही नही दी बल्कि निजी आवासो में जाने के लिये सड़क भी बनवा दी है जिसका ताजा उदाहरण इंजीनियरिंग कालोनी में देखा जा सकता है एक ठेकेदार के सुविधा को ध्यान में रखते हुए घोसियाना में स्थित उसके आवास में जाने के लिये दीवाल को तोड़ सड़क तक बनवा दिया है।
रानीबाजार से स्टेशन जानेवाले रेल सड़क और रेल की भूमिपर रेल अधिकारी बाकायदा माहवारी सुविधा शुल्क लेकर दुकानदारों को कब्जा करा दिया है जिससे आवागमन में अवरोध उत्पन्न हो रहा है।रनिंगरूम के पास ओवर ब्रिज के नीचे तो एक प्रिंटिंग प्रेस ही रेल के भूमि में अवैध अतिक्रमण कर चलाया जा रहा है। बताया तो यह भी गया है कि कुछ रजिस्टर्ड रंगदारी वसूलने वाले इसी प्रिंटिंग प्रेस से कोई लोकल पीडीएफ फाइल प्रिन्ट कर अधिकारियो कर्मचारियो को ब्लैक मेल किया जाता है। जिसका ट्रेलर बना कर रेल के उच्चाधिकारियों को ब्लैक मेल कर करोड़ो की रेल भूमि पर कब्जा स्वयं कर अन्य लोगो को करा रखा है। अतिक्रमण की हालत है यह है कि अक्सर रानीबाजार में जाम लगने व त्योहारों ,दुर्गा पूजा ,रामलीला के दौरान यह सड़क काफी सुगम होता है जिसके माध्यम से उतरौला रोड, फैजाबाद,रोड पर आवागमन होता है लेकिन अतिक्रमण के कारण वाहनो का गुजरना टेढ़ी खीर हो जाती है।अतिक्रमणकारी तो अब इसी मार्ग पर रेलवे स्टेशन तक रेल आवासो के अगल बगल कब्जा कर लिए है। लेकिन यहां के अधिकारी मूकदर्शक बनें हुए है जयनारायण चैराहे से लेकर स्टेशन रोड पर दोनो तरफ की भूमि रेल की है जिसपर कुछ लोगो को दुकाने भी आबंटित है लेकिन वे किराये पर देकर किराया वसूल रहे है। इन दुकानदारों ने भी आबंटित की गई भूमि को दो से चार गुना कब्जा कर सड़क को सकारा बना दिया गया है लेकिन ये सब रेल अधिकारियो को नही दिखाई पड़ता।रानीबाजार स्थित पूरब पटरी के दुकानदारों द्वारा रेल के अधिकांश भूमि को कब्जा कर स्थाई निर्माण करा लिया गया है।
रेल आवासो में गैर रेल कर्मी
जिले के खैरा कालोनी,मेडिकल कालोनी,बड़गाँव कालोनी,साहेबगंज कालोनी,डीजल कालोनी,सेमरा कालोनी,गिरजा कालोनी में सैकड़ो ऐसे लोग निवास करते जिनका रेल से कोई वास्ता सरोकार नही है।जबकि सैकड़ो रेल कर्मी आवास के आभाव में प्राइवेट आवास लेकर निवास कर रहे है। इन कालोनियों में कुछ बाहरी अराजकतत्वों के रहने की भी शिकायते मिल रही है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ