सुल्तानपुर।सूबे में योगी राज आनें के बाद ऐसा प्रतीत हुआ था के भ्रष्ट्राचार का खात्मा होकर ही रहेगा, लेकिन शायद ये महज़ एक ट्रेलर था। सच्चाई इससे इतर है भ्रष्ट्राचार का घुन सरकारी तंत्र में आज भी उसी तरह लगा हुआ है। बानगी के लिये शहर के लखनऊ नाका-माल गोदाम रोड ही काफी है, 18 महीनों में ये रोड 3 बार बनी और 3 बार टूटी। इसका कारण देर रात कैमरे में कैद हुई तस्वीरें बनी।
कोतवाली नगर के लखनऊ नाका का मामला
गौरतलब रहे कि बीती रात जब शहरवासी गहरी नींद में सो रहे थे तभी रात में नगर के मालगोदाम से लखनऊ नाका मार्ग पर भ्रष्ट्राचार में डूबी हुई सड़क बनाई जा रही रही थी। पुरानी बनीं दोनों सड़क की अभी वर्षगांठ पूरी भी नही हुई थी कि उस पर शुद्ध तारकोल का लेपन किये बगैर अत्याधुनिक मशीन से डामर रोड की चादर ओढाई गई।
रातों-रात काम निपटा भागे ठेकेदार-लेवर्स
दस टायरा ट्रक से लगभग दर्जनों बार सड़क पर गिट्टी बिछाने वाली मशीन में तारकोल युक्त गिट्टी डाली गई। और रातों-रात लखनऊ नाका रेलवे क्रासिंग तक रोड बनाकर आधी रात को ठेकेदार एवं लेवर्स गायब हो गये।
18 माह पहले हुआ था विरोध
सनद रहे कि 18 माह पूर्व बन रही गुणवत्ता विहीन सड़क का जब ओवर बृज के नीचे के दुकानदारों और पड़ोसियों ने जब एतराज जताया था तो एक तत्कालीन माननीय के दखल पर यह रोड डीएम एस. राजलिंगम द्वारा श्रमदान घोषित होते-होते रह गयी थी। सूत्रों की मानें तो बावजूद इसके सत्ता के दबाव पर ठेकेदार के रुके बिल का भुगतान हो गया। कमोवेश यही संभावना इस मार्ग की भी तय है।
जांच के बाद होगी पेमेंट
फिलहाल इस मामले पर एसडीएम प्रमोद पाण्डेय ने बातचीत करने पर कहा के ये गम्भीर विषय है, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इसके बावत पूछा जायेगा। जांच कराने के बाद ही पेमेंट होगी।

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