राकेश गिरी
बस्ती। नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 में चुनाव प्रचार में राजनीतिक दलों/प्रत्याशियों द्वारा टीवी चैनल, केबल टीवी नेटर्वक, रेडियो एवं अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों में प्रयुक्त होने वाले समस्त दृश्य श्रव्य प्रचार सामाग्री का उपयोग जनपद स्तर पर गठित समिति के अनुमति के बिना नही किया जायेंगा।
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह ने बताया है कि निर्वाचन व्यय के अनुसार हेतु जिला मजिस्टेªट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की गयी है। प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल करने की तिथि से निर्वाचन प्ररिणाम की धोषणा तक प्रतिदिन विभिन्न मदों में जो व्यय किया जायेंगा, उसका लेखा-जोखा आयोग द्वारा निर्धारित निर्वाचन व्यय लेखा पंजीका पर रखा जायेगा। सभी प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार हेतु व्यय की धनराशि को प्रतिदिन निर्वाचन व्यय लेखा पंजीका में दर्ज किया जायेंगा तथा निर्वाचन व्यय लेखा की सूचना जनपद स्तर पर गठित समिति को प्रत्येंक सप्ताह प्रस्तुत की जायेंगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया है कि चुनाव से संबंधित व्यय किए जाने हेतु प्रत्याशी द्वारा एक अलग से खाता खोला जायेंगा। खाते की सूचना रिटर्निग अधिकारी तथा जनपद स्तरीय कमेटी को दी जायेंगी। निर्वाचन में व्यय की गयी धनराशि के भुगतान की कार्यवाही इसी खाते से प्रत्याशियों द्वारा आवश्यक रूप से की जायेंगी। निर्वाचन व्यय लेखा पंजीका में प्रत्याशियों द्वारा विभिन्न मदों में व्यय की जाने वाली धनराशि की दर निर्धारित कर दी गयी है। निर्वाचन समाप्त होने के उपरान्त सभी प्रत्याशियों द्वारा तीन माह के भीतर निर्वाचन संे संबंधित व्यय लेखा पंजीका बाउचर सहित निर्धारित प्रारूप पर जनपद स्तर पर गठित समिति को उपलब्ध कराया जायेंगा। निर्वाचन के समाप्ति के बाद सभी प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले लेखा पंजीका को समिति द्वारा परीक्षण किया जायेगा। परीक्षण में यदि किसी प्रत्याशी द्वारा निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक धनराशि व्यय की पायी जाती है तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जायेंगी और यदि को अनियमित्ता पायी जाती है तो उसके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जायेंगी।


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