राकेश गिरी
बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री एवं युगदृष्टा पण्डित जवाहरलाल नेहरू को उनकी जयंती के अवसर पर समारोहपूर्वक याद किया गया। कटेश्वरपार्क स्थित कांग्रेस दफ्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय ने कहा कि 1919 में गाधीजी के संपर्क में आने के बाद पण्डित नेहरू का सितारा बुलंदी पर रहा। महात्मा गांधी ने उनके भीतर भारतीय राजनीति का शिखर पुरूष देख लिया था, उनके प्रति लगाव का नतीजा था कि देश की आजादी के बाद जब प्रधानमंत्री के लिये दावेदारी की गयी तो सरदार बल्लभ भाई पटेल और आचार्य कृपलानी को सर्वाधिक मत मिले थे लेकिन महात्मा गांधी के निर्देश पर पण्डित नेहरू को भरत का प्रधानमंत्री बनाया गया।
पूर्व विधायक रामजियावन ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिये पण्डित नेहरू गांधीजी के नेतृत्व में कई बार जेल गये, लेकिन देश का आजाद कराने का जज़्बे में कोई कमी नही आई। उपाध्यक्ष प्रेमशंकर द्विवेदी ने कहा कि बच्चों से निकटता के मामले में पण्डित नेहरू का कोई जवाब नही। वे बच्चों की हर जिज्ञासा को शांत करना अपने स्वभाव का हिस्सा बना चुके थ। बच्चों के प्रति इसी प्रेम ने उन्हे चाचा नेहरू की ख्याति दिया। उन्होने कहा आधुनिक भारत की नींव रख्ने वाले महान व्यक्तित्व के धनी मण्डित नेहरू का योगदान कभ्ी भुलाया नही जा सकेगा। सभी कांग्रेसजनों ने पण्डित नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राम मिलन चतुर्वेदी, छोटेलाल तिवारी, प्रेमशंकर द्विवेदी, डा. विद्या मिश्रा, अंकुर वर्मा, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, अनिल भारती, डा. विद्या मिश्रा, कौशल त्रिपाठी, डा. मानिकराम मिश्रा, अतीउल्लाह सिद्धीकी, ज्योति पाण्डेय, पीएन दुबे, गिरजेश पाल, आदित्य त्रिपाठी, गंगा मिश्रा, सतीश तिवारी, हाजी अब्दुल वहाब, छेदी चौधरी, सुनील शुक्ला, गिरजा कुमार पाण्डेय, अभिषेक शुक्ला, अलीम अख्तर, विशम्भरनाथ श्रीवास्तव, फैजू भाई, शशिभूषण त्रिपाठी उर्फ पिण्टू बाबा, अतीफ खान, आदर्श त्रिपाठी, सतीश चौहान, रवीन्द्र कुमार, शुभम श्रीवास्तव, शेषमणि उपाध्याय, कुंवर जितेन्द्र सिंह, नफीस अहमद, पिण्टू मिश्रा, रवीन्द्र कुमार, जेपी अग्रहरि, रामधीरज चौधरी आदि उपस्थित थे।


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