गोण्डा। जिले के एक गैंग द्वारा जिले के कोटेदारों को अपने चरने खाने का निशाना बना लिया गया जिन्हें गैस से सदस्य विभिन्न तरीके से वसूली का दबाव बनाये जाने से कोटेदार परेशान है।
बताया गया है कि गैंग के दो सदस्यों के विरुद्ध वसूली का मुकदमा भी नगर कोतवाली में दर्ज है। इसके बावजूद वसूली कम तो हुयी है लेकिन बन्द नही हुयी है। चूंकि कोटेदार भी दूध के धोये नही होते है, कहीं न कहीं गड़बड़ी किये रहते हैं, जिसके कारण ये गैंग के सदस्यों से भय खा कर उन्हें माहवारी देने के लिए तैयार रहते हैं। होता यह है कि गैंग के सदस्य जिला पूर्ति कार्यालय से सांठ-गांठ रखते है और थोडी भी गड़बड़ी की आशंका को देखकर तत्काल पूर्ति विभाग के निरीक्षक को फोन पर सूचित कर बुला लेते है। फिर विभाग कार्यवाई कर देता है। यह उस समय होता है जब वसूलीकर्ता की इच्छा कोटेदार से पूरी नही होती है तो ये विभाग को शामिल कर उस पर कार्यवाही कराके अन्य कोटेदारों को कार्यवाई का सोशल मीडिया पर वायरल कर दबाव बनाते है जिससे कोटेदार भय खा कर माहवारी देना शुरू कर देता है। ऐसे ही एक मामले में एक कोटेदार पर पिछले 15 दिन से पांच सौ रुपये माहवारी देने का दबाव बनाया जा रहा है जिसकी लिखित शिकायत कोटेदार ने मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी, आयुक्त से की है।
क्या कहना है एसपी का
शिकायत मिलने पर गोपनीय जांच कराकर वैधानिक खाद्यान्न माफिया के तहत मुकदमा दर्ज करा कर कार्यवाई की जायेगी।
झंझरी आवश्यक वस्तु गोदाम पर भीड़े वसूलीकर्ता
मुख्यालय के झंझरी आवश्यक वस्तु गोदाम पर दो वसूलीकर्ता आपस में बंटवारे को लेकर भिड़ गये और एक दूसरे को भद्दी गाली देते हुए स्वयं तमाशा बन गये जो चर्चा का विषय बन गया है।


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