सत्येन्द्र खरे
कौशाम्बी:योगी सरकार के लाख कोशिशों के बावजूद भी प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में कोई भी सुधार देखने को नही मिल रहा है। ताजा मामला कौशाम्बी के जिला अस्पताल का है, जहाँ अस्पताल प्रशासन ने एक बार फिर से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलते हुए इंसानियत का गला घोंट दिया है। सड़क हादसे का शिकार एक व्यक्ति घंटो बिना इलाज के अभाव में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने फर्श पर बेहोसी की हालात में पड़ा रहा....तो वही दूसरी तरफ एक भाई अपने बहन को गंभीर हालत में गोद मे उठाये एक्सरे कक्ष तक लेकर पहुंचा। कौशाम्बी जिला अस्पताल की ये दोनों तस्वीरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलने के लिए काफी है।
कौशाम्बी के जिला अस्पताल से उभरी ये पहली तस्वीर है, जहाँ इमरजेंसी वार्ड के सामने फर्श पर पड़ा यह सख्स गोविंद पुर गांव का अमित है। दरअसल अमित मंझनपुर मुख्यालय आते समय सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे के वक्त साथ मे मौजूद उसका भाई राम प्रसाद अपने जख्मी भाई अमित को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने उसे भर्ती नही किया। आरोप है कि घंटो जख्मी अमित कुमार इमरजेंसी वार्ड के सामने बेहोसी हालत में फर्श पर पड़ा रहा, लेकिन संवेदनहीन बने डॉक्टरों ने घायल का इलाज नही किया।
श्रवण कुमार , प्रत्यक्षदर्शी
जिला अस्पताल से उभरी दूसरी तस्वीर में भकन्दा गांव के संतोष कुमार मारपीट से जख्मी अपने बहन सविता को लेकर पुलिस कर्मी के साथ मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों से स्ट्रेचर न मिलने पर संतोष अपनी बहन को गोद मे उठाये अस्पताल के एक्सरे कक्ष तक पहुंचा। वही दोनो मामलों में जब हमने इमरजेंसी कक्ष में मौजूद जिला अस्पताल के डॉक्टर आर० के० शर्मा से बात किया तो जनाब आरोपो को निगलते हुए अपनी ही सफाई पेश की।
क्या कहते है चिकित्सक


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