गोण्डा। लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के एक छात्र ने महाविद्यालय पर अनर्लगल वसूली के विरोध के बावजूद सुधार न लाने पर उच्च न्यायालय में रिट दायर कर शिकायत की है।
उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया है कि लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा में छात्रों से गैर जरूरी शुल्क लिए जाने अनावश्यक खर्चों को दर्शाकर वित्तीय अनियमितता को लेकर छात्र संगठन के छात्र नेता अंकित शुक्ल द्वारा विरोध दर्ज कराया जाता रहा है। इस सम्बन्ध में शासन व प्रशासन को भी कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया किन्तु महाविद्यालय को प्रबन्ध समिति व जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी। इस पर छात्र नेता अंकित शुक्ल ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अगली तारिख 21 नवम्बर 2017 को प्रबन्ध समिति अध्यक्ष जिलाधिकारी गोण्डा से जांच रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने का आदेश दिया है।
उच्च न्यायालय के समक्ष याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुये याची के अधिवक्ता श्री मिश्रा ने कहा कि महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा छात्रों से जबरन विभिन्न मदों के तहत अनावश्यक फीस ली जा रही है तथा उसे गलत तरीके से खर्च किया जा रहा है जो कि कालेज कानून तौर पर नहीं ले सकता है। इस बार सरकार तथा विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तुत सरकार अधिवक्ता ने जवाब देने के लिए 4 सप्ताह का समय मांगा जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया न्यायालय ने जिला प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष जिला प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी गोण्डा तथा प्राचार्य लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा को नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया।
उच्च न्यायालय ने यह भी आदेशित किया कि याचिकाकर्ता द्वारा सप्ताह भीतर जिला मजिस्टेªट गोण्डा को समग्र रूप से प्रत्यावेदन देंगे जिस पर जिला मजिस्टेªट गोण्डा स्वयं इस मामले की जांच करेंगे तथा अपनी जांच रिपोर्ट अगली पेशी 21 नवम्बर 2017 को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।


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