उच्च न्यायालय ने नाम विलोपित करने का दिया निर्देश
गोण्डा। पूर्व चेयरमैन कमरुद्दीन की पत्नी सकीना का नाम ग्राम सभा और नगर परिषद में दो स्थानों पर होने व ग्राम पंचायत से क्षेत्र पंचायत सदस्य होने के कारण नगर परिषद के वोटर लिस्ट से नाम विलोपित करने के बाद पर उच्च न्यायालय ने नगर परिषद के वोटर लिस्ट से नाम विलोपित करने का निर्देश दिया है। जिससे पूर्व चेयरमैन की पत्नी चुनाव नही लड़ सकती है।
बताते चले कि उच्च न्यायालय में मोहम्मद जकी द्वारा वाद संख्या 26109 (एम0वी0)/2017 दायर कर कहा गया था कि श्रीमती सकीरा पत्नी कमरुद्दीन निवासी म0नं0 17 वार्ड सं0 20 जिगरगंज नगर पालिका परिषद गोण्डा की निर्वाचन नामावली से नाम विलोपित किये जाने का वाद 4 नवम्बर को प्रस्तुत किया गया था जिसमें आपत्ति की गयी थी। कहा कि प्रतिवादी का नाम नगर पालिका परिषद गोण्डा के निर्वाचक नामावली में वार्ड सं0 20 जिगरगंज के भाग 92 के क्रम सं0 435 पर दर्ज है। जबकि सकीना ग्राम पंचायत निर्वाचन नामावली 2015 के विकास खण्ड झंझरी के ग्राम पंचायत गिर्द गोण्डा वार्ड सं0 11 के क्रम सं0 7272 पर भी अंकित है। सकीना पत्नी कमरुद्दीन क्षेत्र पंचायत 89 फिरोजपुर क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य भी निर्वाचित रही है। इस तरह सकीना द्वारा उत्तर प्रदेश नगर पालिका परिषद अधि 1916 की धारा 12 एफ का उल्लंघन किया गया है।
उक्त प्रकरण में प्रतिवादी के अधिवक्ता गणेश श्रीवास्तव के यह तर्क देने पर कि सकीना ग्राम पंचायत के क्षेत्र पंचायत सदस्य से त्याग पत्र देकर निर्वाचन नामावली से नाम हटाने का आवेदन किया गया था लेकिन उसे किसी प्रकार की कोई सूचना नही दी गयी है।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के कथन को सुनकर उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 12 एफ का उल्लंघन पाते हुए दो स्थानों पर ग्रामीण व शहरी में होना विधि संगत न होने पर नगर परिषद से नाम विलोपित करने का निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी को दिया है।


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