राकेश गिरी
बस्ती। मार्क्सवादी कंम्यूनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में ,स्वराज इंडिया सहित अन्य संगठनों द्वारा भारत सरकार द्वारा नोटबन्दी किये जाने के पहली बरसी पर बुधवार को पार्टी के न्याय मार्ग स्थित कार्यालय से जुलूस निकाल कर कचहरी परिसर में भारत सरकार का पुतला फूंका।
पुतला दहन के पश्चात माकपा के जिला सचिव कामरेड के. के. तिवारी ने कहा कि सरकार का नोट बंदी का फैसला किसान मजदूर ,रोजगार विरोधी कदम था जिसका खामियाजा आज भी देश भुगत रहा है इस सवाल को लेकर माकपा समेत 14 दलों ने अखिल भारतीय विरोध दिवस का आवाहन किया था।
नोटबन्दी अपने घोषित लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रही और कालाधन को सफेद करने का जरिया बन गयी। लाइनों में लग कर 150 से ज्यादा लोगो की मौत हुई, किसानों मजदूरों को अपने ही रुपये के लिए पुलिस की लाठियां गालियां खानी पड़ी ,आयोजन रद्द करने पड़े । युवाओं के रोजगार छिन गए।देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट बनी हुई है।
पार्टी कार्यालय से निकले जुलूस में माकपा के कामरेड वीरेंद्रप्रतापमिश्र,कामरेड राम गढ़ी चौधरी, कामरेड सत्य राम, किसान सभा के सुरेंद्र मोहन शर्मा, पथ विक्रेता संघ के बैजनाथ यादव ,स्वराज इंडिया के जे पी राव, भारतीय मजदूर आंदोलन के राम प्रसाद आर्य, इंडियन पीपुल्स फ्रंट के राज नारायण मिश्र , जनौस के जिला अध्यक्ष शेषमणि, खेएमयू जिला अध्यक्ष सतीश चंद्र चौहान ,मास्टर जयराम,अमित सेन ,सुधाकर शाही,हीरालाल,अरुण कुमार, मुन्नी देवी, पूनम देवी , कौशल, अमृता देवी भगवान दीन, गणेश शंकर विद्यार्थी महेश गुप्ता,नंदू चौरसिया ,सप्पू मोदनवाल, रामकेवल चौधरी दिलीप कुमार, राजकुमार, गुड्डू, राम प्रकाश, जहिददुनिश, इंद्रावती, चनारा, श्यामकली, नूरजहां, नीलम, राम जी ,राजवंत देवी, मुनक देवी ,रीता देवी, वासंती देवी, चंद्रावती, ज्ञानमती देवी ,सोनम देवी, निर्मल, समसुद्दीन, राम निहोर आदि शामिल रहे।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ