अलीम खान
अमेठी. फिल्म पद्मावती को लेकर चल रही राजनैतिक नूराकुश्ती अभी थमी भी नहीं थी, के यहां पद्मावत एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर राजनीतिक बयानबायजी का दौर शुरु हो गया है। कांग्रेस एमएलसी ने जहां ट्रेन के बंद किये जानें पर कहा है कि जनता 2019 में ट्रेन रोकने वालों को रोक देगी। वहीं बीजेपी के जिलाध्यक्ष का कहना है कि ये चुटकुले बाज़ लोग हैं।
गौरतलब रहे की ज़िला प्रतापगढ़ से वाया अमेठी-रायबरेली होकर नई दिल्ली को जानें वाली पद्मावत एक्सप्रेस ट्रेन रोक दी गई है, जिसको लेकर अमेठी में सियासत शुरु हो गई है। अब कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने है।
जनता 2019 में ट्रेन रोकने वालों को रोक देगी
इस संदर्भ में कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने ट्विट कर लिखा है कि 'देश में पद्मावती फिल्म बंद करने की मांग हो रही थी, मोदी सरकार ने अमेठी-रायबरेली से चलने वाली पद्मावत ट्रेन बंद कर दी'। उन्होंने तंज़ करते हुए लिखा
अबकी बार.....सरकार? इस पर दीपक सिंह ने बात करने पर कहा की बीजेपी अमेठी के विकास और सुविधाओं को अवरुद्ध करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस ट्रेन में लोगों को आसानी से रिजर्वेशन मिल जाता था उसे रोका गया, जनता 2019 में रोकने वालों को रोक देगी।
अमेठी का विकास करने के लिये ट्रेन को रोका गया:बीजेपी
वहीं इस मुद्दे पर बीजेपी जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि एक दिसम्बर से अमेठी का विकास करने के लिये ट्रेन को रोका गया है। इसलिए के ट्रैक के दोहरीकरण और टूटी पटरियों को दुरूस्त करने के लिये ये क़दम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आये दिन हो रहे ट्रेन हादसे और कोहरे के कारण ट्रेन की स्पीड में आनें वाली कमी को दूर करने के लिये ये क़दम उठाया गया है। उन्होंने कहा वैसे भी दिल्ली के लिये ट्रेन की कमी नहीं है, ये कांग्रेस के लोग चुटकुले बाज़ लोग हैं।
एसएस अमेठी को पता नहीं ट्रेन होगी बंद
हैरान करने वाली बात ये है के एक दिसम्बर से फरवरी महीने तक ट्रेन के बंद किये जानें का कारण क्या है इसकी ख़बर अमेठी के एसएस टी.पी. सिंह को नहीं है। जब उनसे सवाल हुआ कि क्या फाग (कोहरे) या किसी टेक्निकल प्राब्लम से ट्रेन को बंद किया गया है तो एसएस अमेठी ने बताया कि उन्हें तो मीडिया के माध्यम से पता चल रहा है के ट्रेन बंद होगी, हालांकि हमें तो अभी कोई आदेश मिला ही नहीं है।
फिल्म पद्मावती को लेकर हो रहा है प्रदर्शन
पिछले एक पखवारे से देश के अलग-अलग राज्यों में फिल्म पद्मावती के बैन को लेकर जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध को देखते हुए सरकार ने सेंसर बोर्ड को जहां उचित निर्देश दिये वहीं देश की उच्च अदालत में भी मामला पहुंच चुका है।




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