जिला जेल में तीन दिन गुजेगी राम धुन
शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । जिला कारागार में तीन दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया है , जिसका शुभारम्भ मंगलवार को हुआ । कथा के पहले दिन मानव सेवा संस्थान अयोध्या से पधारी वाल्मिकी रामायण एवं तुलसीकृत रामचरित मानस के विशेषज्ञ कथावाचक देवी राज राजेश्वरी ने भगवान श्रीराम-जानकी की पूजा-अर्चना की और इसके बाद कथा की शुरुआत करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की कथा और उनका नाम हमारे जीवन में दीपक की लौ, तेल और बाती की तरह है जिसका आश्रय या आधार हमें जीवन में बनाए रखना चाहिए। वेदों में निर्गुण उपासना और सद्गुण उपासना की व्यवस्था दी गई है, इसके अनुसार निर्गुण उपासक निराकार ब्रह्म की आराधना प्रतीकों के आधार पर करता है जैसे अग्नि और वायु जो दृश्यमान नहीं होते जिसका कोई आकार नहीं होता। ऐसे निराकार निर्गुण उपासना करने वालों की भी संख्या बहुत है, दूसरी उपासना सद्गुण उपासना है जिसमें स्वरूप का आधार होता है जिसे हम देख सकते हैं और उसके रूप गुण की प्रशंसा कर सकते हैं। इस उपासना में श्रीराम व श्रीराम कथा को लिया जा सकता है। जिसमें हमें श्रीराम के स्वरूप चरित्र और कृत्य को जानने-सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इसे सुनकर हम अपने जीवन में उन गुणों को आत्मसात कर सकते हैं जिससे हमारा जीवन भी श्रीराम की तरह बन सके। इस दौरान जेलर आरके सिंह , डिप्टी जेलर वीके शुक्ल समेत तमाम बंदी रहे ।


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