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बस्ती:पुस्तक मेले में संगोष्ठी, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन


राकेश गिरी 
पुस्तक विहीन समाज रोबोट बनकर रह जायेगा
बस्ती ।  प्रेस क्लब बस्ती में युवा विकास समिति व राजा राम मोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान द्वारा लगाई गई पुस्तक प्रदर्शनी में शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न प्रकार की पुस्तकें देखीं। अपनी-अपनी रुचि की पुस्तकें खरीदी। किसी ने मुनव्वर राणा की मां और शायरी की अन्य पुस्तकों में रुचि दिखाई तो कुछ शायर राहत इंदौरी की किताबों के बारे में पूछताछ करते देखे गए। बच्चे भी आए और डिजिटल     संबंधी पुस्तकें देखी। इस दौरान एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। मुख्य वक्ता पंडित चन्द्रबली मिश्र  ने कहा कि बच्चे यदि पुस्तकों का अध्ययन कर रहें है तो उनके सद विचारों को जीवन में उतारे। कहा की पुस्तकें हमारे जीवन में बड़ी सहायक हैं।
    गोष्ठी का विषय डिजिटल इंडिया में पुस्तकों का महत्व था। डॉ. नवीन सिंह चिंता जताते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में पुस्तकें कहीं गुम तो नहीं हो जाएगी। किताब विहीन समाज का भविष्य कैसा होगा, यह हम सब के लिए चिंता का विषय है। दीनदयाल तिवारी ने कहा कि पुस्तकों का महत्व कभी भी कम नहीं होगा। समाज में बदलाव पुस्तकों से ही आता है। डॉन वास्को स्कूल बस्ती के शिक्षक  मुकेशमणि ने कहा कि इंटरनेट कभी भी पुस्तकों का स्थान नहीं ले सकता। 
कला शिक्षक आलोक शुक्ल ने कहा कि डिजिटल दुनिया पुस्तकों में सामंजस्य आवश्यक है। पुस्तक से प्राप्त ज्ञान स्थाई होता है। नितेश शर्मा ने कहा कि किताबों के अध्ययन से समाज का विकास हुआ है। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि वो देश विकास करते हैं जहां पुस्तकों का अध्ययन किया जाता है। यूरोपियन देशों के विकास का कारण साहित्य का अध्ययन करना है। बनारस से आये कवि व शायर अभिनव चतुर्वेदी  ने कहा कि पुस्तकें सबसे अच्छी दोस्त, अभिभावक गुरु है। सुभाष मणि तिवारी ने कहा कि पुस्तक विहीन समाज सिर्फ रोबोट बन कर रह जाएगा।  धर्मेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि साहित्य के अभाव में समाज में अराजकता हो सकती है। 
इस अवसर पर पुस्तकों के महत्व पर डॉन वास्को स्कूल बस्ती के बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। जिसमें प्रथम स्थान पर आदित्य धर द्विवेदी द्वितीय स्थान पर सौरभ त्रिपाठी व अंशुल मिश्र तृतीय स्थान पर रहे। वहीँ निबंध प्रतियोगिता में अचिंत पाण्डेय, आदित्य कुमार, अंकित कुमार, हिमांशु कन्नौजिया, शुभाष शुक्ल,सौरभ त्रिपाठी, सुयश मिश्र, गौरव शुक्ल, शिवा चौहान, रवि आजाद ,आशीष, अखिलेश कुमार, आदि नें भाग लिया। पुस्तक प्रदर्शनी में देश के अनेक प्रतिष्ठित प्रकाशनों की ज्ञानवर्धक पुस्तके उपलब्ध है। कुछ प्रकाशन विशेष छूट भी दे रहे हैं। 
कार्यक्रम संयोजन में  रविन्द्र नाथ तिवारी, विशाल पाण्डेय, रवीश शुक्ल, हरिशंकर, संजीव पाठक, दयानंद ओझा, विपुल ओझा, प्रेम चन्द्र शर्मा, राम प्रसाद तिवारी, विशाल त्रिपाठी के साथ ही अनेक सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग योगदान दे रहे हैं।

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