रमेश कुमार मिश्र
तरबगंज गोण्डा।तरबगंज मे बना सरकारी अनाज गोदाम मे खुलेआम होरही है घटतौली।जहाँ दिखाने के लिए तौल की जाती है।वोभी कमप्यूटर काटे को सेट करके।जहाँ जूट की बोरी 52किलो और पलास्टिक की बोरी 53किलो तक ऊतर रही है।अब सवाल ये उठ रहा है की क्या सरकार एक बोरी मे 50किलो से ज्यादा का अनाज लोड करवा रही है।जबकि मौके पर कोई भी किलोग्राम नही मिला जिससे काँटा की जाँच हो सके।जबकि सरकार का स्पष्ट आदेश है की हर गोदाम पर 50किलो का किलोग्राम होना अनिवार्य है।मौके पर मिले कुछ कोटेदारो ने बताया की साहब इस गोदाम पर तौल के अनाज नही दिया जाता।और नाही कोई वेरीफीकेशन होता है।ट्रक से सीधे उतार कर कोटेदार की ट्रालियो पर लोड कर दिया जाता है।जो 44से45किलो तक उतरता है।नाम ना छापने की शर्त पर एक कोटेदार ने बताया की इस गोदाम पर भी अनाज माफिया हाबी होगये है।जो गरीबो का अनाज गोदाम प्रभारी की मिली भगत से खुले बाजार मे बेचवा रहे है।जिससे भष्टाचार चरम पर पहुँच गया है।और गोदाम प्रभारी वा अनाज माफिया मालामाल होरहे है।और इन्ही माफियाओ के भरोषे सारा दिन गुलजार रहता है अनाज का गोदाम।यहाँ जाँच करने कोई अधिकारी नही आता।जिससे पूरी तरह जंगलराज कायम है।
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वही धान खरीद पूरी तरह से ठप है किसान त्राहि त्राहि कर रहे है।गेंहूँ के बोआई का समय निकल रहा है।पैसा नाहोने के कारण किसान गेंहूँ की वोआई नही करपारहे है।धान बिक नही रहा है।गन्ना का पैसा मिल नही रहा है येसे मे किसान क्या करे।कुछ सूझ नही रहा है।जबकि योगी सरकार के सारे आदेश कागजो मे चल रहे है।जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है।
क्या कहते है जिम्मेदार।
गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला ने बताया की हमारे गोदाम पर घटतौली नही होरही है।सभी कोटेदारो को तयसुदा अनाज उपलब्ध कराया जारहा है। लेकिन सभी कोटेदारो को सन्तुष्ट नही किया जा सकता वही धान खरीद पर बताया हमारे पास कोई आदेश नही आया है।जबकि जिलापूर्ति अधिकारी का फोन रिसीव ना होने से उनका ब्यान नही मिल पाया है।


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