डॉ ओपी भारती
वजीरगंज (गोण्डा) :-कच्ची गृहस्थी छोटे बच्चे कोई जीविका का साधन नही। परिवार पालने वाला पिता छोड़ कर चला गया अब क्या होगा। इस सवाल का जवाब देने की स्थित में कोई नही है। संवेदना के लिए जुटी भीड़ के मुंह से सिर्फ यही प्रश्न निकल रहा है हे भगवान ये तूने क्या किया। अब इन बेसहारों का क्या होगा।
वजीरगंज कस्बे के एक शादी समारोह में शामिल होने लखनऊ गए सुरेश सोनी 4 अन्य लोगों के साथ वापस आ रहे थे सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गयी जबकि 3 अन्य घायल हो गए। सुरेश की पत्नी नीरज भी मायके में थी। मृतक सोनारगीरी की कारीगरी कर अपनी पत्नी व चार बच्चों का भरण पोषण करता था। बड़ा बेटा शिवम अभी 13 वर्ष का है जबकि सत्यम 10, शुभम07 और सबसे छोटा कृष्णा 05 वर्ष का है। इतनी कम उम्र में पिता का साया सर से उठ जाने पर इनकी जीविका पर ही संकट आ गया।यद्यपि सुरेश 3 भाई है पर सब अलग रहते है। घर पर जमा भीड़ यही अहसास दिला रही है कि हम साथ है पर कुदरत का ये कहर पीड़ित परिवार को ही सहन करना है । अंधकार भविष्य और जीविका पूरी तरह भगवान भरोसे है।


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