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गोण्डा:विश्व एड्स दिवस पर हुयी गोष्ठी

गोण्डा। भारतीय रेड क्रास सोसायटी की लाल बहादुर शास्त्री पी0जी0 काॅलेज इकाई द्वारा विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एक वार्ता आयोजित की गयी। वार्ताकार डाॅ0 ए0के0 उपाध्याय, जिला अस्पताल गोण्डा व डाॅ0 राजेश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष जनपदीय रेड क्रास सोसायटी थे।
डाॅ0 ए0के0 उपाध्याय ने अपनी वार्ता में बताया कि एच0आई0वी0 की खोज 1984 में हुई थी। उन्होनें एच0आई0वी तथा एड्स के कारण, बचाव व उपचार पर चर्चा की।  उन्होंने बताया कि एच0आई0वी0 संक्रमण होने पर अंतिम अवस्था में एड्स हो जाता है जब कि सी0डी0 4 सेल काउण्ट 200 से कम हो जाता है।  इस अवस्था में मरीज की रोगों से बचाव की क्षमता अत्यंत क्षीण हो जाती है और विविध रोगों से उसकी मृत्यु हो जाती है।  एड्स का उद्भव काल संक्रमण होने के 3 से 20 साल का होता है परन्तु औसतन 8 वर्ष के उपरान्त एड्स के लक्षण प्रकट हो जाते हैं।  एड्स खून, वीर्य, अन्य प्रकार के यौन रिसावों के द्वारा फैलता है, परन्तु आंसू, लार या सांस या छूने से नहीं फैलता है।  अतः ऐसे एड्स के मरीजों का सामाजिक बहिष्कार नहीं करना चाहिये, उनके साथ सामान्य व्यक्ति की तरह बर्ताव करना चाहिये।  इसके कारणों में एक ही सूईं से ड्रग लेना, खून के सम्पर्क में कोई इन्फेक्टेड चीज आना, असुरक्षित यौन संबंध तथा माॅ से बच्चे में फैलना आदि है। बचाव हेतु उनका सुझाव था कि जानकारी और संयम अत्यंत आवश्यक है।  लक्षण प्रकट होने पर तुरंत जिला अस्पताल में संपर्क करना चाहिये जहाॅ निःशुल्क जाॅच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। डाॅ0 राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 2000 से अधिक एच0आई0वी0 रोगी हैं। और 2017 में लगभग 300 रोगियों की मृत्यु हो चुकी है।  बचाव ही इस रोग का उपचार है। प्राचार्य प्रो0 डाॅ0 डी0पी0 सिंह ने अपने संबोधन में कहा भारतीय जीवन शैली, जो कि ‘सादा जीवन उच्च विचार‘ पर केन्द्रित है, एड्स की रोगथाम में कारगर है। संयमित जीवनचर्या से इस रोग से बचा जा सकता है। रेड क्रास प्रभारी डाॅ0 राजीव कुमार अग्रवाल ने अन्त में सभी आगन्तुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।  इस वार्ता मंे रेड क्रास के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। स्वयंसेवकों के प्रश्नों का समाधान भी विशेषज्ञों ने किया।  रेड क्रास स्वयंसेवक शैलेन्द्र चतुर्वेदी के मिशन ‘गेटिंग टु जीरो‘ थीम के बारे में प्रश्न करने पर डाॅ0 उपाध्याय ने बताया कि 2011 में अमेरिका मंे यह स्लोगन एड्स रोगियों की संख्या 2015 तक जीरो करने पर दिया गया था।

                               विश्व एड्स दिवस पर पेंटिंग प्रतियोगिता का पम्पलेट दिखाते बच्चे
प्राथमिक विद्यालय पकवान गांव में मनाया गया विश्व एड्स दिवस 
 विश्व एड्स दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय पकवान गांव में एड्स के बारे में बताया गया सभी बच्चों ने विश्व एड्स दिवस पर पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया जिसमें मालती ,आरती , मेघनाथ ,नरेश ,नैंसी ,प्रिया सिंह मोहम्मद आरिफ, साबिर अली मुस्कान ,शिवानी, आकांक्षा यादव, लक्ष्मी, गरिमा सिंह, निहाल मौर्य, मनीष, अजय कुमार सुजीत ,नितिन ,खुशी ,प्रिया ,भोले नाथ आदि बच्चों ने बेहतर पेंटिंग बनाई।
सहायक अध्यापिका पूनम रानी ने बच्चों को एड्स से बचने के उपाय बताएं और केवल एक बार सिरंजी का उपयोग किया जाना चाहिए, एचआईवी टेस्ट कर ही एचआईवी रहित ब्लड चढाई जाय। प्रभारी प्रधानाध्यापक राखाराम गुप्ता ने बच्चो को बताया कि पूरे विश्व में 1 घण्टे में 18 बच्चे एचआईवी से संक्रमित होते हैं इसीलिए इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

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