गोण्डा। अभिभावकों को चाहिये कि वे अपने बच्चों का टीकारण कराकर उन्हें दर्जनों बीमारियों से छुटकारा दिलाये। जागरुकता के आभाव में कुछ लोग ऐसा नही कर रहें है। उन्हें सघन मिशन इन्द्र धनुष अभियान चलाया जा रहा प्रत्येकनागरिक की यह जिम्मेदारी बनती है कि अभियान में सहयोग कर अपने बच्चों का टीकाकरण कराकर हमेशा के लिए दर्जनों बीमारियों से छुटकारा पाये। यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन के डा0 अंकुर ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा।
उन्होंने कहा का बच्चों का टीकाकरण करा लेने से उन्हें टी.वी., दिमागी बुखार, खसरा, टिटनेश, डिप्थीरिया, निमोनिया, काली खांसी जैसे गम्भीर रोगों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह अभियान अक्टूबर 2017 से 2018 तक चार चरणों में सम्पन्न किया जाना है। जिसमें सूबे के 52 जनपदों एवं 8 नगरीय क्षेत्रों में इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। प्रथम चरण 8 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चलाया गया। द्वितीय चरण 7 नवम्बर से 17 नवम्बर तक चलाया गया जिसमें प्रथम चरण में दो साल के 41023 थी जिसमें 2329 सत्रों के माध्यम से 39021 बच्चों का टीकाकरण किया गया। अब तृतीय चरण की शुरूवात 7 दिसम्बर से हो रही है। यह अभियान 18 दिसम्बर तक चलाया जाना है। तृतीय चरण में छुटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जायेगा। इसके साथ ही साथ ईंट भट्ठो एवं मलिन बस्तियों का सर्वे करा लिया गया जिसमें गर्भवती महिलाओं की संख्या 17256 तथा 2 वर्ष तक छूटे बच्चों की संख्या 32197 इन सबका टीकाकरण किया जाना है। इस कार्य के लिए 330 एएनएम तथा 330 तथा 110 पर्यवेक्षक लगाये गये है।
टीकाकरण के बाद बुखार आये तो घबराये नही
बच्चों या गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के बाद यदि बुखार आता है तो घबराने की जरूरत नही है। जिस महिला या बच्चे का एन्टीजन्स जितना अधिक प्रभावी होगा उतना ही जल्द टीके का असर होगा। टीकाकरण के स्थान पर सूजन भी आ सकती है। इस बात के संकेत मिल रहे है कि टीकाकरण पूरी तरह से अपना काम कर रहा है। ऐसे में घबराने की कोई जरूरत नही है। दो तीन दिनों में सब कुछ स्वतः ठीक हो जायेगा।


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