गोंडा । मिलो द्वारा अपने श्रमिको व कर्मचारियों का शोषण
करना आम बात होता जा रहा है इसी कड़ी में जिले की बलरामपुर चीनी मिल ग्रूप की
मनकापुर व बभनान इकाई के अधीन गन्ना क्रय केन्द्रो पर तैनात लिपिकों का मिल द्वारा
वर्षो से शोषण किया जा रहा है |
जिसको लेकर जिले की बलरामपुर चीनी मिल ग्रूप की मनकापुर व
बभनान इकाई के अधीन गन्ना क्रय केन्द्रो पर वर्षो से कार्यरत तौल लिपिको (कांटा
बाबू) ने पहली बार चीनी मिल प्रबन्धन पर निर्धारित न्यूनतम वेतन न दिये जाने का
अरोप लगाते हुए उप श्रमायुक्त देवी पाटन मडंल के समक्ष मदद की गुहार लगाई है।
उपश्रमायुक्त
देवी पाटन मडंल गोण्डा को भेजे शिकायती
पत्र में कहा है कि मनकापुर चीनी मिल व बभनान के अधीन गन्ना क्रय केन्द्रों पर
विगत 13वर्षो से कार्यरत तौल लिपिको (कांटा बाबुओ) ने पहली बार आवाज बुलंद करते
हुए चीनी मिल प्रबन्धन पर 2500 से 5000 वेतन देने का अरोप लगाया तथा निर्घारित
न्यूनतम वेतनमान दिलाने व प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।तौल लिपिक अनीश
कुमार सिंह,दिनेश
मिश्रा,दीन दयाल
यादव,संदीप सिंह
खुशी राम वर्मा,व शिव
शंकर वर्मा ने बताया कि हम लोग कई वर्षो
से कार्य कर रहे है और मिल प्रबन्धन द्वारा मात्र ढाई से पांच हजार रुपये ही दे
रही जो वर्तमान महगाई में जीवन-यापन नही हो पा रही है।उधर मामले में उप श्रमायुक्त
देवी पाटन मंड़ल शमीम अख्तर ने चीनी मिल प्रबन्धन को भेजे अपने पत्र में तौल लिपिको
के प्रकरण की जांच के क्रम में 12दिसम्बर को साक्ष्यो के साथ तलब किया है।
क्या कहते है मिल अधिकारी
वही डीजीएमएचआर वीरेन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि तौल लिपिक
मनमानी क्रय केन्द्र चाहते है।जबकि ऐसा नही हो सकता है। वर्तमान ड्यूटी लाटरी
सिस्टम पर होती है।बदले की भावना से शिकायत की गयी।उचित वेतनमान प्रबन्धन द्वारा
दिया जा रहा है।


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