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कृषि यंत्रों पर आकर्षक अनुदान, फिर भी नहीं मिल रहे किसान...जानिये क्यों


1.69 लाख का सोलर पंप अनुदान के बाद मात्र 51 हजार में
सत्येन्द्र खरे 
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में शासन की ओर से कृषि यांत्रिकी ऋण योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जनपद को करोड़ो रूपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। बजट 31 मार्च 2018 तक उपभोग किया जाना है।
कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत जनपद के सात सौ किसानों को लाभांवित करने का लक्ष्य मिला है। योजना के अंतर्गत कृषि विभाग की वेबसाइट पर पंजीकृत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान की व्यवस्था है। अनुदान के लिए जनपद को चार करोड़ रूपये का बजट मिल गया है। इसमें 257 रोटावेटर, 324 डीजल पंपसेट, 18 सीड ड्रिल आदि यंत्र शामिल है। इसके अलावा 60 सोलर पंप भी देने का लक्ष्य मिला है। रोटावेटर की कीमत लगभग 90 हजार से एक लाख के बीच बताई जाती है। इस पर 35 हजार रूपये का अनुदान देय है। डीजल पंपसेट की कीमत लगभग 40-50 हजार है, जबकि अनुदान राशि 10 हजार रूपये निर्धारित है। 60-70 हजार कीमत वाले सीड ड्रिल पर 30 हजार का अनुदान उपलब्ध है। यही नहीं 1.69 लाख कीमत वाले सोलर पंप के लिए किसानों को मात्र 51 हजार रूपये देने है। हालांकि लाभ के लिए लगभग एक हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था। मार्च 2017 तक पंजीकरण कराने वाले किसानों को 15 नवंबर तक सहमति पत्र दाखिल करने के लिए निर्देशित किया गया था। कुल 325 किसानों ने ही सहमति दी। सहमति देने वाले किसानों का सत्यापन कराया जा रहा है। यदि सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या लक्ष्य के सापेक्ष पूरी नहीं निकली तो अन्य पंजीकृत किसानों को अवसर दिया जाएगा। उधर वित्तीय वर्ष समाप्त होने में तीन माह शेष होने के कारण शासन से मिली अनुदान राशि का उपभोग हो पाने की संभावना कम ही है। 

कृषि विभाग से किसानों का हो रहा मोहभंग 
कृषि यंत्र, बीज एवं रासायनिक दवाओं पर विभाग अनुदान तो दे रहा है। लेकिन अनुदान की राशि मिलने में संशय रहता है। किसानों का कहना है कि विभाग अनुदान के लिए अखबारों में इस्तेहार भी छपवाता है। ऐसे में विभाग में लाभार्थियों की लम्बी लाइन लग जाता है। किसानों से पहले कृषि यंत्र, बीज एवं रासायनिक दवाओं के लिए पूरा पैसा जमा कराया जाता है। अनुदान के लिए शासन की तरफ से ऑन लाइन पेमेंट का निर्देश है। पर, किसानों को कई महीने के बाद भी खाते में पैसा नहीं जाता है। ऐसे में कृषि विभाग से किसानों का मोह भंग होता जा रहा है। 

बोले अफसर
शासन के निर्देश पर किसानों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। किसानों ने लाभ के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। मार्च महीने के पहले ही किसानों को कृषि यंत्र दे दिए जाएंगे। 
केएन राय, उप कृषि निदेशक

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