गोण्डा। गोंडा- डेहरास मार्ग के रेशम फार्म के पास सुबह करीब आठ बजे के आसपास पिकप से सब्जी मंडी आ रहे सब्जी व्यापारी दो सगे भाइयों की ट्रक से जबर दस्त आमने सामने भिंड़त हो जाने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से घर और गांव में मातम फ छह गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्ट मार्टम भेजा है।
कोतवाली देहात के बेलवा नोहर गांव के जग मोहन वर्मा के दो बेटे 22वर्षीय राजेश बर्मा और 18 वर्षीय बृजेश वर्मा दोनो भाई पिकप से गोण्डा सब्जी मंडी सब्जी खरीदने के लिए आ रहे थे। सामने से आ रही ट्रक से पिकप की जबर दस्त भिंड़त हो गई। भिडंत के बाद पिकप ट्रक के नीचे घुस गया। घटना घना कोहरा होने की वजह से हुवा। भिड़ंत की आवज इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के लोग भी कुछ समझ नही पाये। घना कोहरा होने के कारण कुछ दिखाई नही दे रहा था। कुछ देर के बाद जब लोग और पुलिस मौके पर पहुची तो पिकप को खींच कर ट्रक से बाहर निकाला और दोनों भाई को जिला अस्पताल ले गये। राजेश वर्मा की रास्ते मे मौत हो गई। बृजेश की हालत गंभीर होने पर उस को लखनऊ के लिए रिफर किया गया। बाराबंकी पहुचते पहुचते उस की भी मौत हो गई। घटना की जानकारी गांव और घर होते ही मातम छह गया।
अब कैसे चलेगा घर का खर्च
दो सगे भाइयों की सड़क हादसों में मौत के बाद परिवार के सामने जीवन यापन का भी संकट खड़ा हो गया है। जग मोहन वर्मा के पांच बच्चे थे। सब से बड़ा राजेश वर्मा , फिर बृजेश और रीत वर्मा उस के बाद रेनू और सब से छोटा मुकेश वर्मा था। घर का खर्च राजेश और बृजेश के कंधों पर था। दोनो के मौत के बाद घर मे कमाने वाले ही चले गये। अब बूढे जग मोहन के कंधों पर पूरा भार आ गया। जग मोहन की भी तबियत ठीक नही रहती है। दोनो के मौत की खबर मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया।
दुनिया में आने से पहले उठ गया पिता का साया
सड़क हादसे में राजेश वर्मा की मौत के बाद घर मे तो कोहराम मचा ही था। उस की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। लोग उस को ढाढ़स बंधा रहे थे। परिजनों ने बताया कि राजेश वर्मा की पहली संतान जब पैदा हुई तो उसकी मौत हो गई। जब दूसरी संतान जब गर्भ में आई तो राजेश वर्मा की मौत हो गई।


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