पिता की तहरीर पर गांव के दो हुये नामजद, आशनाई पर टिकी निगाहें
शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। खेत मे सिंचाई करने गये अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों मे गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गयी। हालांकि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर गांव के ही दो लोगों को आरोपी नामजद किया गया है। जिले के कोतवाली लालगंज के मंगई ढ़िगवस के सीताराम शुक्ल का पुत्र कमलेश नारायण शुक्ल उर्फ मुन्ना (50) बीती सोमवार की रात घर से करीब तीन सौ मीटर दूर उमेश नारायण तिवारी के खेत मे दूर स्थित एक ट्यूबबेल से सिंचाई के लिये गया था। मृतक ने गांव के रामसेवक सरोज के साथ उमेश तिवारी का खेत लगभग दो वर्ष पूर्व पचास हजार की बटाई पर ले रखा था। सीताराम के इकलौते बेटे कमलेश नारायण की हत्या रात करीब साढ़े दस बजे अंजाम दी गयी। किंतु उसका शव मंगलवार की सुबह कमलेश के घर वापस न लौटने पर परिजनों ने खेत मे जाकर देखा। इधर ग्रामीणों का कहना है रात मे उन लोगों ने फायरिंग की आवाज सुनी किंतु ठंड अधिक होने के कारण किसी ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को मुन्ना शुक्ल का शव देखते ही परिजन बिलखने लगे। मृतक मुन्ना शुक्ल को हत्यारों ने तमंचे से कनपटी एवं कमर के नीचे फायर कर मौत की नींद सुला दी। मृतक अपने पीछे पत्नी माया देवी तथा तीन पुत्र अंकित शुक्ला (23) अंशु शुक्ला (20) व तीसरा कक्षा आठ का छात्र आदेश शुक्ल (15) निराश्रित छोड़ गया है। सूचना मिलने पर मंगलवार की सुबह कोतवाल तुषार दत्त त्यागी भारी फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहंुचे। पुलिस को घटना स्थल से मृतक का टार्च व फावड़ा बरामद हुआ। जबकि मृतक का मोबाइल हत्यारे उठा ले गये। पुलिस ने मृतक का शव पंचनामा कर पीएम के लिये भेजवाया। मृतक की हत्या को लेकर परिजन भी खुलकर किसी दुश्मनी की बात नहीं करते देखे गये फिर भी मृतक के पिता सीताराम ने गांव के ही रामसेवक सरोज तथा उसके भाई रोहित सरोज को हत्या का नामजद आरोपी बताया है। इधर सूचना पर पहुंचे सीओ ओमप्रकाश द्विवेदी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर कोतवाली पुलिस को शीघ्र खुलासे के निर्देश दिये। पुलिस फिलहाल घटना का अभी स्पष्ट कारण नहीं बता पा रही किंतु गांव मे चर्चा के मुताबिक हत्या आशनाई मे हुई है। इस बाबत कोतवाल तुषार दत्त त्यागी का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। हालांकि कोतवाल किसी भी आरोपी के अभी हिरासत मे होने की बात नकारते दिखे किंतु सूत्रों के मुताबिक नामजद आरोपी मे से एक को पुलिस कोतवाली लाकर घटना के बाबत पूछताछ मे जुटी बताई जाती है।
मोबाइल उठा ले गये हत्यारे, लगाया सर्विलांस
मृतक कमलेश नारायण उर्फ मुन्ना की गोली मारकर हत्या की वजह अभी साफ नहीं है किंतु जिस तरह से हत्यारे मृतक का मोबाइल अपने साथ उठा ले गये। उससे घटना के पूर्व किसी के द्वारा मृतक को बुलाये जाने या फिर किसी अन्य परिचित का फोन आना भी रहस्य के घेरे मे आ गया है। पुलिस फिलहाल मृतक के परिजनों से उसका मोबाइल नंबर लेकर सर्विलांस के सहारे हत्या की कड़ी जोड़ने की कवायद मे जुट गयी है।
कहीं मुन्ना की हत्या प्रेम प्रपंच की चढ़ी भेंट
मृतक मुन्ना शुक्ला ने बटाई पर जो खेत ले रखा था। उसका एक साझेदार शाहजहांपुर मे किसी भट्ठे पर काम करता है। चर्चा के मुताबिक मुन्ना शुक्ला का इस साझेदार के घर उठना बैठना लोगों की निगाहों मे था। घटना को लेकर यह भी कयास लगाया जा रहा है कि मृतक का अपने घर से ज्यादा समय अन्यत्र व्यतीत करना किसी की आंखों को खटक सकता था। यहीं नहीं मृतक का लगभग दो माह पूर्व भी गांव की एक अन्य महिला से विवाद होना भी घटना को लेकर पुलिस का एक क्लू दिख रहा है। दबी जुबान से गांव और इलाका इस हत्याकांड को आशनाई से जोड़ रहा है। आखिर मृतक की इतनी माली हालत भी अच्छी नहीं है कि उसकी हत्या धन या संपदा के लिये कर दी जाय। यहीं नही मृतक की हत्या रात मे होती है और फायरिंग की आवाज सुनने के बावजूद किसी की नजर इतने बड़े हादसे के हो उठने का अंदेशा तक बयां नहीं कर पाती। फिलहाल मुन्ना शुक्ल की हत्या से पर्दा उठा पाना कोतवाली पुलिस के लिये टेढ़ी खीर नजर आता है।


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