अलीम खान
सोनिया जब अमेठी आईं थीं तब बोला था कि मेरी मांग का सिंदूर छिपा है अमेठी में...
अमेठी (यूपी). राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार अमेठी आ रहे हैं, पर इससे पहले सोनिया गांधी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अमेठी आईं थीं तो उन्हें पति की मौत बहुत अखरती थी। उन्होंंने अपनी पहली ही जनसभा में कहा था कि अमेठी में मेरी मांग का सिंदूर छिपा है।
राहुल भावनात्मक सम्बंध निभाने में सफल हैं या नहीं ये कहना मुश्किल
राहुल गांधी राजनीति तो कर सकते हैं पर अमेठी से भावनात्मक सम्बंध निभाने में सफल हैं या नहीं ये कहना बहुत मुश्किल है। सोनिया अमेठी से सांसद होती रहीं पर अपने पुत्र राहुल के लिये ज़मीन भी तलाश करती रहीं। आख़िर में 2004 में राहुल के ख़ातिर अमेठी संसदीय क्षेत्र छोड़ वो रायबरेली चली गईं।
अमेठी में कांग्रेस अपने को सकते में कर रही महसूस
राहुल लड़े और जीते भी पर सोनिया-प्रियंका के काकस में दबे ही रहे। नतीजतन 2014 के चुनाव में उन्हें बूथ-बूथ घूमना पड़ा। दरअस्ल राहुल ज़मीनी कार्यकर्ताओं को पहचाननें में सफल नहीं रहे। यही कारण है के कांग्रेस का गढ़ कहे जानें वाली अमेठी में कांग्रेस अपने को सकते में महसूस कर रही है।


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