गोपाल गिरि
लखीमपुर खीरी :एक और जहां प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक ग्रामीणों की दिशा और दशा सुधारने के लिए प्रयास में लगी हुई हैं और ग्रामीण अंचल के विकास के लिए दोनों हाथों से सरकारी खजाने लूटा रही हैं वही निचले स्तर पर विकास की रूपरेखा को जन जन तक पहुंचाने के लिए रखे गए अधिकारी-कर्मचारी और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के चलते योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है और शासन से बड़े बड़े बजट आने के बावजूद भी ग्राम पंचायतों में विकास की वह रूप रेखा देखने को नहीं मिल पा रही है जो शासन की असल मनसा है और विकास कागज़ी खानापूर्ति कर इति श्री कर ली जाती है
ग्राम पंचायत के विकास हेतु राज्य वित्त आयोग और 14 वित्त आयोग से खजाने खाली किए जा रहे हैं लेकिन ग्रामीण स्तर पर जो विकास कार्य हो रहे हैं उनकी मांगों को अनदेखा कर गुणवत्ताहीन एक और अन्य सामानों को इस्तेमाल कर कार्य किया जा रहा है जिससे लाभार्थी और ग्रामीणों में रोष व्याप्त है मामला है लखीमपुर खीरी के निघासन तहसील के विकासखंड की ग्राम पंचायत बंगला कुटी में जहां लोगों का आरोप है कि नाली खडंजा और प्रधानमंत्री आवास निर्माण निर्माण में जलने से भी लाइट का प्रयोग हो रहा है जिसकी ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की है लेकिन अभी तक कार्य निरंतर जारी है और पी लाइट से गंजे को बनाया जा रहा है आखिर पी लाइन से बनाइए खरंजा लोगों को कितने दिन तक पहुंचाएगा और वह कितने दिन तक बच पायेगा
खंड विकास अधिकारी निघासन से बात करने पर इनाडु की टीम को बताया यहां की पीला ईट की शिकायत ग्रामीणों के द्वारा की गई है जिसकी जांच कराई जा रही है और यदि पीला इसका इस्तेमाल किया जा रहा है तो कार्यवाही की जाएगी


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