अखिलेश्वर तिवारी
विधवा मां के साथ न्याय के लिए भटक रही पीड़िता
बलरामपुर ।। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक के विरुद्ध आदेश तथा केंद्र सरकार के तीन तलाक रोकने व मुस्लिम महिलाओं को संरक्षण देने के प्रयासों का मुस्लिम समुदाय पर कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है । मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न तथा तीन तलाक के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं । ताजा मामला बलरामपुर कोतवाली नगर क्षेत्र का है जहां एक मुस्लिम महिला को उसके पति व घरवालों द्वारा ना सिर्फ मारा पीटा व प्रताड़ित गया बल्कि दहेज की मांग करते हुए उसे घर से निकाल दिया गया तथा तीन तलाक की धमकी दी गई । पीड़ित महिला व उसकी वेवा मां न्याय के लिए दर-दर भटकती फिर रही हैं ।
जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती निवासिनी श्रीमती खातून ने अपनी लड़की मुन्नी तारा की शादी मुस्लिम रस्मो-रिवाज के साथ फरवरी 2015 में थाना डुमरियागंज के बदला चौराहा सिद्धार्थनगर निवासी हकीम कुरेशी के पुत्र इरफान कुरैशी के साथ किया था । शादी में विदा होकर मुन्नी तारा अपने ससुराल गई और वहां कुछ महीने ही रह पाई । उसके पति इरफान व घर वाले दहेज की मांग बराबर करते रहे तथा दहेज के लिए मुन्नी तारा को मारते-पीटते वा प्रताड़ित करते रहे । शादी के कुछ महीनों बाद ही उसे घर से प्रताड़ित कर निकाल दिया गया । पीड़िता की मां विधवा है और उसके एक नाबालिग लड़के के अलावा कोई दूसरा सहारा भी नहीं है । गरीबी के कारण वह दहेज की मांग को पूरा नहीं कर सकती जिसके कारण उसने मुन्नी तारा के ससुराली जनों से तमाम मिन्नतें की परंतु दहेज लोभियों पर कोई असर नहीं पड़ा । मुन्नी तारा ने बताया कि उसके पति इरफान कुरैशी ने फोन पर उसे तीन तलाक देने की धमकी दी और कहा कि मेरा तुमसे कोई संबंध नहीं है हम तुम्हें तीन तलाक दे देंगे । साथ ही यह भी कहा यदि तुम हमारे घर आने का प्रयास करोगी तो तुम्हें जला भी देंगे । मुन्नी तारा अपनी मां के साथ न्याय के लिए फरियाद करती फिर रही है । अब सवाल यह उठता है क्या सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अथवा केंद्र सरकार के तीन तलाक पर बनाए जा रहे कानून का मुस्लिम समुदाय पर कोई असर नहीं पड़ रहा ? इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार का कहना है कि अभी नया कानून तो पारित नहीं हुआ है फिर भी पुराने कानून के तहत उसे न्याय दिलाया जाएगा ।


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