लालगंज प्रतापगढ़। तहसील बार एसोशिएसन के संस्थापक अध्यक्ष रहे ओंकारनाथ क्रांतिकारी (75) का बीती रविवार की रात आकस्मिक निधन हो गया। स्वर्गीय क्रांतिकारी प्रतापगढ़ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से निर्दल चुनाव भी लड़ चुके थे। वह आरक्षण के मुददे पर हुये आंदोलन के तहत पखवारे भर तक जेल मे भी निरूद्ध रहे। समभवानी युगे युगे तथा बाबा घुइसरनाथ पर आधारित रचनाओं के साथ उनकी कई पुस्तकें भी पाठकों के बीच उनकी जीवन्त याद को संजोये हुये है। कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने क्रांतिकारी के निधन को दुखद ठहराते हुये उन्हें एक स्पष्ट वक्ता करार दिया। श्री तिवारी ने कहा कि क्रांतिकारी का संघर्षमय जीवन सदैव अविस्मरणीय रहेगा। वहीं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने भी स्व. क्रांतिकारी को सामाजिक मूल्यों के लिये संघर्ष के क्षेत्र मे यादगार व्यक्तित्व ठहराया। इधर तहसील मुख्यालय पर उनके निधन को लेकर साथियों मे सोमवार को पूरा दिन गम दिखा। तहसील स्थित पार्क मे बार और बेंच की संयुक्त शोकसभा मे उन्हें सामूहिक श्रद्धाजंलि अर्पित की गयी। वकीलों ने दिवंगत अधिवक्ता नेता के सम्मान मे तहसील एवं सिविल न्यायालय मे पूरे दिन अपने को न्यायिक कार्य से विरत रखा। शोकसभा की अध्यक्षता एसडीएम कोमल यादव व संचालन पूर्व अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने किया। तहसीलदार ओमप्रकाश पाण्डेय, नायब तहसीलदार सुशील कुमार, आरके रामलोचन त्रिपाठी, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, महामंत्री संदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राममोहन सिंह, केबी सिंह, अवधेश सिंह, हरिशंकर द्विवेदी, संतोष पाण्डेय, हरिकेश पटेल, सुधीर मिश्र, श्रवण कुमार शुक्ल, पवन पाण्डेय, अजय सिंह, अंजनी मिश्र, लालराजेन्द्र सिंह ने क्रांतिकारी के व्यक्तित्व को अधिवक्ताओं एवं सामाजिक हितों के लिये मजबूत संघर्ष का प्रतीक ठहराया। इस मौके पर मनोज सिंह, शिवांकात उपाध्याय, मो0 ईशा, असलम, सुशील शुक्ल, रामलगन यादव, प्रवीण यादव, टीपी यादव, अनिल महेश, कमलेश तिवारी, दिनेश सिंह, इरफान, संजय सिंह, विनोद शुक्ला, शैलेन्द्र मिश्र, राजेश तिवारी, अंतिम सिंह, ओपी जायसवाल, राजबहादुर पटेल, रामआसरे सरोज, शेष तिवारी, अखिलेश द्विवेदी, सुधाकर मिश्र, राजेश पाल, राव वीरेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, प्रमोद तिवारी, दिनेश मिश्रा, सत्येंद्र श्रीवास्तव, रामकिंकर शुक्ल आदि रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ