अलीम खान
अमेठी (यूपी) कांग्रेस अध्यक्ष के संसदीय क्षेत्र अमेठी में ला एन आर्डर फेल हो चुका है, 48 घंटे के अंदर हत्या की दूसरी वारदात अंजाम पानें से ज़िले के लोग थर्रा उठे हैं। बीती रात जब राहुल गांधी मुंशीगंज गेस्ट हाउस में आराम को पहुंचे थे के तभी मुंशीगंज थाना क्षेत्र के टंडवा गांव में दलित ग्राम प्रधान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उधर रविवार तड़के नवोदय विद्यालय में पढ़ पत्रकार के बेटे की हत्या कर लाश को रेलवे ट्रैक के पास फेंकने की वारदात अंजाम पाई थी।
मुंशीगंज थाना क्षेत्र के टंडवा गांव का मामला
जानकारी के अनुसार मुंशीगंज थाना क्षेत्र के टंडवा गांव में दलित ग्राम प्रधान सुनील कोरी हिसाब-किताब लिखवा कर देर शाम बाज़ार के लिये निकला था। रात का समय आ गया और वो घर वापस नहीं पलटा तो घर वालों ने उसे मोबाइल पर दसों काल कर डाला। इसका भी जवाब न मिलने पर परिजन परेशान हुए।
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| फ़ाइल फोटो :मृतक |
गांव से 1 किलोमीटर दूरी पर मिली लाश
परिजनों ने गांव व आस-पड़ोस में उसकी तलाश शुरु किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। देर रात कुछ लोगों ने गांव से 1 किलोमीटर दूरी पर प्रधान की लाश होने की ख़बर मिली तो गांव के लोग दौड़ पड़े। वहां का मंजर देख कर हर कोई हत्प्रभ रह गया। उसे बड़ी बेरहमी से मारा गया था। उसके शरीर पर धारदार हथियार के चोट के निशान मिले हैं। मृतक सुनील का शुमार अमेठी के सबसे युवा ग्राम प्रधान में था।
एसपी बोले प्रथम दृष्टया हत्या का लग रहा मामला
फ़िलहाल सूचना पर एसपी कुन्तक किशोर, एएसपी बी.सी.दुबे व भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने बारीकी के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि अग्रिम कार्यवाई के लिये डेड बाडी को भेज दिया गया है। परिवार वालों से तहरीर प्राप्त कर इसमें कार्यवाई की जायेगी। उन्होंंने कहा प्रथम दृष्या मामला हत्या का ही लग रहा, क्या और कौन लोग इसमें शामिल हैं ये विवेचना में स्पष्ट होगा।
रविवार को रेलवे ट्रैक के किनारे मिली थी पत्रकार के बेटे की लाश
आपको बता दें कि बीते रविवार तड़के ज़िले के प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक के जिला संवाददाता अजय सिंह के बेटे की लाश रेलवे ट्रैक के किनारे मिली थी। वो यहां के नवोदय विद्यालय में 11वीं का छात्र था। और स्कूल कैम्पस में ही रहता था। इस तरह स्कूल कैम्पस से निकल कर उसकी लाश रेलवे ट्रैक के पास मिलने और शरीर पर चोट के निशान मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। जिसके बाद से पत्रकारों में खासा रोष है।



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