डॉ ओपी भारती
वजीरगंज(गोंडा) अपर सत्र मजिस्ट्रेट बहराइच में तैनात नंदप्रताप ओझा ने पिता के तेरहवीं संस्कार के अवसर पर आम के पौधे वितरित किये।
अपने पैतृक आवास डल्लापुर पर उन्होंने उन्होंने शामिल लोगों को भोजन के बाद दक्षिणा के साथ आम एव अन्य पेड़ो के पौधों को दान दिया। बहराइच में अपर सत्र मजिस्ट्रेट फ़ास्ट ट्रैक न्यायालय पर तैनात है। चार अन्य भाई भी सरकारी सेवा में है। इनके पिता की मृत्यु 20 दिसम्बर को हो गयी। ओझा ने बताया कि उनके अंतिम संस्कार करते समय उनके मन मे ये विचार आया कि अंतिम संस्कार में 5 से 7 कुंतल लकड़ियों की जरूरत होती है। अंतिम संस्कार के समय जितना कुंतल लकड़ी लगती है यदि हर व्यक्ति कम से कम प्रत्येक कुंतल पर एक पेड़ लगा कर इसके संरक्षण का संकल्प ले तो प्रकृति के श्रृंगार में चार चांद लग जाय। उन्होंने इसी विचार से प्रेरित होकर कर्मकांडो में महापात्र ब्राह्मण, तेरहवीं संस्कार के ब्राह्मणों समेत अन्य आगन्तुकों को भोजन के पश्चात यथोचित दक्षिणा एवं आम तथा अन्य पेड़ो का पौधा देकर इसे लगाते हुए इसके संरक्षण का आग्रह किया। उन्होंने दिए गए पौधों से पिता की यादों को जोड़ते हुए पौधा ले जाने वालों से मार्मिक अपील की कि आप सब के साथ इस पौधे के रूप में पिता की यादें जा रही है इनका ख्याल रखना। उन्होंने पिता की याद में खुद 51 पौधे लगाये तथा हर वर्ष पुण्यतिथि पर पौधों को लगाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में 551 पौधे बांटे गए। उनके इस पहल की सराहना भी हो रही है।


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