डॉ ओपी भारती
वजीरगंज(गोंडा) पति विदेश में , घर पर अकेली रह रही दो बच्चों की मां ने गांव के ही दूसरे युवक को अपना हमसफ़र बना लिया। विवाद थाने पहुँचा तो थानाध्यक्ष की मौजदगी में विदेश से ही मोबाइल पर बातचीत करते हुए पति ने पत्नी की इच्छाओं का सम्मान करते हुए नए जीवन के लिए शुभकामना भी दी और बच्चों को अपने पिता की सुपुर्दगी में भेजवा दिया।
करदा निवासी गफ्फार अली की शादी 9 वर्ष पूर्व क्षेत्र के ही डल्लापुर निवासी आबिद अली की पुत्री शायरा बानो से हुआ था। दोनों आपस मे प्रेम से रहते थे। इस दौरान उन्हें दो बच्चे भी हुए। लड़का अली हुसैन 7 वर्ष तथा शकीना 4 वर्ष की है। सब कुछ अच्छे से चल रहा था। पति रोजी रोटी के लिए इधर उधर काम भी करता रहा। फिर उसे सऊदी अरब जाने का अवसर मिल गया। उसे गए हुए 2 वर्ष भी हो गये ।पत्नी घर पर अकेली रहती रही। जिसका गांव के ही नफीस से मेलजोल बढ़ गया और दोनों एक दूसरे के बेहद करीब आ गए। फिर दोनों एक साथ रहने का फैसला करते हुए 15दिन पहले घर छोड़ कर फरार हो गए। महिला के ससुर यार मोहम्मद ने बहू की गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। पुलिस के दबाव में दोनों थाने आ गए। जहाँ दोनों पक्षों की मौजूदगी में पंचायत हुई। थानाध्यक्ष विनय कुमार सरोज ने मोबाइल से सऊदी अरब में रह रहे पति से बात की तो उसने पत्नी की इच्छाओं का सम्मान करते हुए उसे आजाद करने का फैसला लिया और अंतिम बार अपनी पत्नी से बात करने की इच्छा जताई। फिर पति पत्नी ने आपस मे बात की, जिसमें पति ने पत्नी के फैसले का सम्मान करते हुए नए जीवन साथी के साथ नए जीवन के लिए शुभ कामना दी। फिर दोनों पक्षों एवं पुलिस की मौजूदगी में सुलह समझौता करते हुए प्रेमी प्रेमिका को इस नसीहत के साथ भेजा गया कि वे दोनों गांव में नही रहेंगे।


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