डॉ ओपी भारती
गोण्डा (वजीरगंज ):-इसे तीन तलाक पर बन रहे कानून का भय कहेंगे या कुछ और कि विवाद के बाद मायके में रह रही पत्नी के पास आकर तलाक कहा। जब मामला थाने पहुंचा तो समझौता हो गया। क्षेत्र के दुर्जनपुर पचूमी निवासी फौजदार ने अपनी पुत्री शबनम जहां की शादी पांच वर्ष पूर्व ग्राम बेलरे शुक्ल थाना हर्रैया जनपद बस्ती निवासी खुर्शीद आलम के साथ की थी। जहां शबनम को दो पुत्र भी हुए ।जिसमें चार वर्ष का आसिफ अपने पिता के पास रह रहा है ,जबकि दो वर्ष का रियाज अपनी मां के पास रह रहा है। एक वर्ष पूर्व हुए विवाद के बाद पति ने पत्नी को मारपीट कर दो वर्षीय रियाज के साथ मायके भेज दिया व 4 वर्ष के आसिफ को अपने पास रोक लिया। पत्नी इस उम्मीद में थी कि पति का गुस्सा शांत होगा और ले जायेगा। पिछले हफ्ते पति दो अन्य लोगों के साथ आया भी पर ले जाने नही बल्कि आकर तलाक दिया। तलाक सुनकर पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई। और वो अपनी विधवा मां सहारुन निशा के साथ थाने आकर न्याय की फरियाद की ।पुलिस ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए ससुराल में छापेमारी की और पति को थाने ले आयी। फिर दोनों पक्षों के लोगों ने समझौते की कवायद शुरू की और बच्चों के भविष्य का वास्ता दिया ।उसके बाद पति-पत्नी पुनः साथ रहने को राजी हो गये। थानाध्यक्ष विनय कुमार सरोज ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। पति-पत्नी राजी खुशी साथ रहेंगे।


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