गोंडा। पूर्वी हिंदुस्तान के प्रसिद्ध दरगाह दरबारे आलिया मीनाईया मैं चल रहे 3 दिनी उर्स के दूसरे दिन दरगाह के सज्जादा नशीन हजरत महबूब मीना शाह की सरपरस्ती व नायब सज्जादा हसन सईद मीनाई की देखरेख मैं जुलूसे गागर व चादर मिनाईया के प्रांगड़ मैं गश्त करता हुआ पेश हुआ रात्रि मे महफिले समां कव्वाली का आयोजन हुआ जिसमें हिंदुस्तान के प्रख्यात कव्वालों ने अपने कलाम से लोगो को खुश किया। बच्चा कव्वाल ने अपने कलाम मे कहा यह तेरा करम है मीना जो बात अब तक बनी हुई है। उर्स की आखिरी फातिहा मैं मौलाना निसार अहमद मीनाई प्रिंसिपल मदरसा मिनाईया ने कहा की ‘तुम्हारे आस्ताने का फैज तो हर वक्त है जारी, अदाएं भी तो हो लेकिन किसी मैं फैज पाने की। हमारी कश्ती ए हस्ती मैं तूफां का अँधेरा है, खुदा के वास्ते थोड़ी सी जहमत मुस्कुराने की।
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| कार्यक्रम में शिरकत करते मीना शाह बाबा |
मुफ्ती अमानुर्राब ने कहा कि हजरात मखदूम इकराम मीना शाह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हजरात महबूब मीना शाह एक गरीब मुरीद हजरत महबूब मीना बाबाजी के पास आता है और कहता है की मुझे एक बीमारी है डॉ ने बताया है की इसका ऑपरेशन करना पड़ेगा जिसका खर्च ज्यादा है जिसकी वजह से वो बहुत परेशां है बाबाजी सोचने लगते हैं फिर उससे कहते हैं की तुम दुबारा डॉक्टर के पास जाकर कहो की दुबारा टेस्ट करे जब डॉक्टर रिपोर्ट देखता हो तो आश्चर्यचकित हो जाता है बोलता है की ऐसा कैसे हो सकता है डॉक्टर मरीज से पूछता है ऐसा कैसे हुआ तब मरीज कहता है की यह सब दुआओं का असर है. इसी तरह काफी करामातें बयां की... अंत मैं मौलाना मुकीम ने भी हजरत मखदूम इकराम मीना शाह की करामातों के बारे मैं बताया. कारी आयाज साहेब ने सभी आए हुए जायरीनों के लिए दुआ की।
कार्यक्रम मे वली मोहम्मद मीनाई (सभासद), कासिम सिद्दीकी चाँद मीनाई हाशिम अलीं एहसान मीनाई व डिलु मुंबई गोरखपुर बस्ती लखनऊ गजिआबाद आदि शहरों से आए हजारों लोगांे ने शिरकत की।



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