गोंडा। अवकाश का स्पष्ट आदेश न होने से कस्तूरबा विद्यालय की छात्राऐं ठंड में भी स्कूल में रहने को विवश हैं। विभाग इन छात्राओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। बढ़ती ठंड व शीतलहर को देखते हुए डीएम ने जिले में संचालित कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों के बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया। लेकिन कुछ विद्यालयों में इस ठिठुरन में भी बच्चे पढ़ने को विवस हैं। मामला जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से जुड़ा है। हांड़ कंपा देने वाली ठंडी को ध्यान में रखते हुए डीएम जेबी सिंह ने 29 दिसंबर से 2 जनवरी और अब 5 जनवरी तक जिले में संचालित कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों के बच्चों का अवकाश घोषित किया था। लेकिन यह अवकाश कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं के लिए नही है। ऐसा लग रहा है कि यहां की छात्राओं को ठंडी नही लग रही है। मंगलवार को करनैलगंज में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का जायजा लिया गया। तो यहां जूनियर के तीनांे कक्षाओं की 30 बालिकाएं पढ़ती हुई मिली। छात्राओं का शरीर ठंढी से कांप रहा था, कुछ खांसी से तो कुछ जुकाम से पीड़ित थीं। फिर भी मजबूरी में वह कक्षा में बैठी ठंढ से लड़ रही थी। शिक्षिका अंकिता सिंह, नीतू सिंह एवं उर्मिला यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि यहां कुल 100 छात्राएं दर्ज हैं। कुछ छात्राएं क्रिसमस अवकाश में अपने घर गई थी। ठंढी बढ़ने की वजह से परिजनों ने उन्हें नही भेजा। 10 बालिकाओं को उनके अभिभावक आज जबरन लेकर चले गये हैं, अब मात्र 30 बालिकाएं बची हैं |


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