सुनील उपाध्याय
बस्ती । वेतन न मिलने से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे मिल श्रमिक सीतासरन की मौत को कांग्रेस ने गंभीरता से लिया है। शीर्ष नेतृत्व की पहल पर बुधवार को एक जांच कमेटी बस्ती पहुंची। इसके मुखिया कांग्रेस एमएलसी एवं विधान परिषद में उपनेता दीपक सिंह ने सुगर मिल जाकर स्थिति का जायजा लिया, सम्बन्धित साक्ष्य जुटाये और पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हे न्याय का भरोसा दिलाया।
दीपक सिंह ने कहा कि श्रमिक नियमों के आधार पर किसी भी संस्थान के श्रमिक की इलाज के अभाव में मौत होना सरकार व संस्थान दोनो की संवेदनहीनता को रेखांकित करती है। बस्ती सुगर मिल श्रमिक सीतासरन की मौत इलाज के अभाव में हुई यह संस्थान और सरकार दोनो के लिये शर्मनाक है। कांग्रेस ने इसे गंभीरता से लेते हुये शीर्ष पटल पर मुद्दे को उठाने का वादा किया है। उन्होने कहा विधान परिषद के उपनेता की हैसियत से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नही छोड़ेंगे।
उन्होने कहा मामले में जिलाधिकारी को संवेदनशीलता का परिचय देते हुये सीतासरन की विधवा को मृतक आश्रित का लाभ देते हुये उसे मिल में नियुक्ति प्रदान करनी चाहिये साथ ही उसके बकाये वेतन का भुगतान अविलम्ब कराना चाहिये जिससे पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिल सके। दीपक सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने यूपी की बंद मिलों को चलाने का वादा किया था, बस्ती की बंद मिल जनपद के लिये अभिशाप है, उन्हे मिल को शीघ्र चालू करवाकर अपना वादा पूरा करना चाहिये। उन्होने सुगर मिल का भ्रमण कर परिजनों से मिलने के बाद पत्रकारों को वार्ता के दौरान वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
मिल से लेकर पीड़ित परिजनों से मिलने तक कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय, उपाध्यक्ष्ज्ञ प्रेमशंकर द्विवेदी, देवेन्द्र श्रीवास्तव, राममिलन चतुर्वेदी, डा. वीएच रिज़वी, नर्वदेश्वर शुक्ला, सईद अहमद, गिरजेश पाल, मानिकराम मिश्रा, गंगा मिश्रा, पिण्टू मिश्रा, सुनील शुक्ला, पीएन दुबे, अभिषेक शुक्ला, शेषनाथ उपाध्याय, कौशल त्रिपाठी, रामभवन शुक्ला, अंकुर वर्मा, प्रमोद दुबे, पंकज दुबे, आदित्य त्रिपाठी, सचिन शुक्ला, रंजना सिंह, ज्योति पाण्डेय, पवन वर्मा, सुरेन्द्र मिश्रा, पवन विश्वकर्मा, देवानंद पाण्डेय, विश्वनाथ चौधरी आदि उपस्थित थे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ