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••• किसान परेशान हैं कर्ज की किश्तों में


ब्रह्मदेव साहित्य समाज द्वारा आयोजित हुई काव्य गोष्ठी 

प्रतापगढ़ ।जिले के पट्टी तहसील के सरायमहेश गांव में स्थित किसान मंदिर पर शैलेन्द्र योगी के आमन्त्रण पर ब्रह्मदेव साहित्य समाज द्वारा एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसकी अध्यक्षता संगठन के उपाध्यक्ष शेष नारायण दूवे "हमराही" ने किया। इस मौके पर जुटे ब्रहम  साहित्य समाज के कवियों ने किसान देवता पर अपनी- अपनी रचनाएं पढ़कर जमकर वाह - वाही लूटी । कार्यक्रम का शुभारम्भ किसान देवता के चित्र पर माल्यापर्ण करके हुआ ।इस दौरान मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद ब्रह्मदेव साहित्य समाज के अध्यक्ष पंडित प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसान समाज का अन्न देवता है इसकी पूजा करने से ही सफलता मिल सकती है, यदि कहा जाए तो ईश्वर के बाद किसान भगवान का दूसरा रुप होता है, क्योंकि अनगिनत जीवों और लोगों के निवालों की व्यवस्था करने वाला ही किसान है ।

  इस दौरान उन्होंने अपने काव्य पाठ में पढा - तप के जीवो को तूने उजाला दिया, अन्न फल और फूलों की माला दिया । तेरी पूजा के कायल सभी इसलिए,  रंक, राजा को तूने निवाला दिया ।।इसी के साथ श्री त्रिपाठी ने कवयित्री ज्योति त्रिपाठी की लिखी रचना अन्नदाता पढी -कर्ज चुकाओगे कैसे, क्या दोगे खुशी किसानों को ।शत् शत् शीश झुकाए हम, सब धरती के भगवानों को ।।इसीक्रम मे शिवेश शुक्ल ने पढा - कोई परेशान हैं सास-बहू के रिश्तो में,किसान परेशान हैं कर्ज की किश्तों में ।इस मौके पर जयराम पाण्डेय राही ने किसान चालीसा का पाठ करते हुए पढा - सचमुच होता जो महान, सजाये खेत और खलिहान । इसीक्रम में गोष्ठी को आगे बढाते हुए सुरेश नारायण द्विवेदी व्योम ने रचना पढी ।इस दौरान जब शेषनारायण दूबे ने रचनाए पढी तो तालियों की गडगडाहट से महफिल गुजांयमान हो गया ।इस मौके पर सन्तोष पाण्डेय,राहुल पाण्डेय  अविचल, श्याम कुमार, मंदिर के पुजारी समेत आदि रहे । अन्त मे शैलेन्द्र कुमार योगी ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया ।

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