आज दिनांक 12/01/2017 को जिला एवं सत्र न्यायालय लखनऊ मे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सचिव श्री ज्ञान प्रकाश तिवारी (सिविल जज सीनियर डिवीजन) ने एडवोकेट अभिषेक शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्माननित किया l श्री ज्ञान प्रकाश तिवारी जी ने बताया एडवोकेट अभिषेक शर्मा को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के साथ अनेक सामाजिक और विधिक जागरुकता के कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिये विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सम्मानित किया गया और भविष्य में अभिषेक शर्मा को ऐसे ही समाजिक कार्यों से जुड़े रहने के लिए शुभकामनाएं दी ।अभिषेक शर्मा ने बताया कि वो श्री परेश मिश्रा ( पूर्व चेयरमैन व सदस्य बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश)के जूनियर है lअभिषेक शर्मा ने आगे बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ से सम्मानित होकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँl अधिवक्ता का अर्थ होता है अधिकृत वक्ता,जब हमे कोई व्यक्ति अधिकार देता है तो हम उसकी बात को कानून के दायरे मे तर्कसंगत ढंग से रखते हैं l विधि व्यवसाय ऐसी वृत्ति है जिसमें संबद्ध अधिवक्ताओं को समाज के विभिन्न मानव संबंधों से संव्यवहार करना होता हैl उन्हें इन संबंधों से संव्यवहार करने में अपनी योग्यता एवं संयम की परीक्षा देनी होती है इसके लिए उन्हें ना केवल अपने गुणों तथा उत्साह का प्रदर्शन करना होता है अपितु अपनी सौम्यता का परिचय भी देना होता हैl अभिषेक शर्मा ने युवा अधिवक्ताओं से अपील की कि वकालत के अलावा थोड़ा समय समाज के गरीब ,पिछड़े, असहाय लोगों को विधिक सेवा संबंधित जानकारियां प्रदान करने मे देना चाहिए एवं उनकी हर सम्भव मदद करनी चाहिए l
सरकार द्वारा विभिन्न योजनाये चलायी जा रही है जो कि लोगों की जानकारी मे नहीं है ऐसी योजनाओं को समाज के ऐसे लोगो तक पहुचाकर उनको लभान्वित कराया जा सकता हैl विधि व्यवसायी का कर्तव्य सामान्य परिस्थितियों तक सीमित नहीं होता उसे समाज के गरीब तथा शोषित वर्ग के अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय में उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने का दायित्व होता हैl
सरकार द्वारा विभिन्न योजनाये चलायी जा रही है जो कि लोगों की जानकारी मे नहीं है ऐसी योजनाओं को समाज के ऐसे लोगो तक पहुचाकर उनको लभान्वित कराया जा सकता हैl विधि व्यवसायी का कर्तव्य सामान्य परिस्थितियों तक सीमित नहीं होता उसे समाज के गरीब तथा शोषित वर्ग के अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय में उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने का दायित्व होता हैl


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