खुर्शीद खान
बल्दीराय,सुलतानपुर।करीब डेढ़ माह पहले बल्दीराय थानाक्षेत्र के पूरेगुरुदत्त तिवारी गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में जख्मी महिला की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। देर रात उसका शव जब गांव लाया गया तो लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। सुबह होते ही उन्होंने पारा बाजार चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी घटना के लिए पुलिस की शिथिलता को जिम्मेदार बताते हुए एसओ बल्दीराय को निलंबित किए बिना शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। जिससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई है। अधिकारी पीड़ित परिवारीजन को मनाने में जुटे हुए हैं।
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बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे गुरुदत्त तिवारी (पारा) निवासी शिक्षक विद्या प्रसाद तिवारी व उनके छोटे भाई की पत्नी ऊषा की भूमि विवाद के चलते हत्या कर दी गई थी। जबकि पिटाई से उनकी मां राजदेई (70) पत्नी राममिलन, भाई अद्या व अंबिका जख्मी हो गए थे। राजदेई को गंभीर चोटें आई थीं। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। शनिवार को उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पड़ोसी दुर्गेश मिश्रा समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। नामजद अभियुक्त रामनेवाज पुत्र केदार अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। अन्य अभियुक्त जेल में हैं। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि एसओ बल्दीराय एसपी सिंह की लापरवाही से यह घटना हुई है। उन्होंने विरोधियों को संरक्षण दिया था। थाने में अभियुक्तों की शिनाख्त करने गए मृतक के रिश्तेदारों को दुर्गेश ने पुलिस के सामने अभद्रता करते हुए धमकी दी थी। ऐसे में एसपी सिंह के थानेदार रहते हुए घटना की निष्पक्ष विवेचना पर पीड़ितों ने संदेह व्यक्त करते हुए उन्हें हटाए बिना शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसके अलावा उन्होंने परिवारीजन शस्त्र लाइसेंस व आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए हैं। सिओ बल्दीराय लेखराज सिंह व तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। देर शाम एएसपी सूर्यकांत त्रिपाठी व एडीएम प्रशासन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। खबर लिखे जाने तक मान-मनौव्वल का दौर जारी था। परिजन थानेदार को निलंबित करने के लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े थे।

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