राजकुमार शर्मा
बहराईच:-सीमावर्ती जिला बहराईच क्षेत्र अंतर्गत समस्त तहसीलों व कस्बो ,ग्रामीणांचलों में विद्युत एक सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है।संबंधित उच्चाधिकारियो की उदासीनता कहा जाए य निम्न अस्तर पर कर्मचारियो व अधिकारियों की लापरवाही आखिर कौन है इस प्रकरण का मुख्य जिम्मेदार और कब होगी जिले की इस समस्या का समाधान ? -- जहाँ एक ओर केंद्र व राज्य की योगी व मोदी सरकार अपने राजनीतिक एजेण्डे से लेकर सरकारी फरमान तक जनता के बीच अपने वक्तब्य में विद्युत समस्या को हर पहलू पर सुधार लाने की कोशिश करने व शहरी क्षेत्रों में चौबीस घंटे व ग्रामीण क्षेत्रो में अठारह घंटे विधुत देने का हमेशा दावा करती रही।पर यदि जमीनी अस्तर पर इसकी हकीकत का तहकीकात किया जाए तो यह पूर्ण रूप से खोखला साबित होता दिख रहा है। कई बार उपभोक्ताओं ने इसकी उच्चस्तरीय अधिकारियो से लिखित व मौखिक शिकायत भी दर्ज करवाई पर कार्यवाही के नाम पर उपभोक्ताओं के हाथ कुछ नही लगा।
नानपारा,रुपईडीहा,नवाबगंज ,फखरपुर, बहराईच,लगायत कई स्थानो पर एक जैसी ही समस्या बनी हुई है।कही विधुत तार जर्जर,कही खंभा नदारद कही तार व खंभा है तो छोटा ट्रांसफार्मर व ओवर लोड के कारण लो वोल्टेज की समस्या इतना ही नही लोकल अस्तर पर देखा जाए तो दिन में कई बार ट्रिप लेने की समस्या बनी हुई है। गौरतलब हो कि इन दिनों हाई स्कूल व इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं चल रही है जिसमे यदि परीक्षा केंद्र की बात की जाए तो सरकारी फरमान अनुसार सीसी टीवी कैमरे व केंद्र संचालन में विद्युत की शख्त आवश्यकता है ।वही विद्यार्थियों को परीक्षा तैयारी के लिए विद्युत की अत्ति आवश्यकता है ।पर विभागीय अधिकारियों की शायद अभी तक इस सम्बंध में नींद नही खुली है। क्या यही है योगी सरकार की उप्लब्ता ? जहां एक ओर विद्यार्थियों की भविष्य दाव पर लगी है वही विभागीय अधिकारी इस बड़ी समस्या पर चुप्पी लगाए बैठे है। कैसे मिलेगा उपभोक्ताओं को इस समस्या से निजात यह अब आगे देखने व सोचने का विषय बना हुआ है।
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वही जब इस सम्बंध के बारे में संवाददाता ने मुख्य अभियंता बहराईच से जानकारी लेने के लिए दूरभाष पर कोशिस की तो उनका मोबाइल फोन सीओजी नंबर बंद रहा।



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