ए. आर. उस्मानी / डॉ. एन. के. मौर्य
गोण्डा। सूबे के सीएम एक तरफ जहां सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने को लेकर काफी सख्त रुख अख्तियार किए हुए हैं, वहीं राजस्व विभाग के कुछ बेलगाम कर्मचारी रूपयों की लालच में उनकी मंशा पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। गोण्डा के रामनगर बनकट गांव में सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक धर्मराज ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर दबंगई के बल पर जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। बताते हैं कि वह गांव के कुछ लोगों की भूमि पर कब्जे की नियत से हल्का लेखपाल से मिलकर जबरन गलत पैमाइश करवा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल को भी किसी का खौफ नहीं है। शायद इसीलिए वह सीएम के आदेश को ठेंगा दिखा रहा है।
सदर तहसील अन्तर्गत मोतीगंज थाना क्षेत्र के रामनगर बनकट गांव निवासी कृष्ण कुमार व शिवकुमार पुत्रगण ओमप्रकाश शुक्ल के साथ ही उसके पटीदार ओंकार शुक्ल पुत्र रामसूरत, जय प्रकाश शुक्ल पुत्र हरिहर प्रसाद ने पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी गोण्डा को लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही धर्मराज शुक्ला पुत्र बालकराम पर जबरन जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उपरोक्त लोगों ने सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक धर्मराज शुक्ल व उसके लेखपाल पुत्र मनोज कुमार शुक्ला पर हल्का लेखपाल से मिलकर जमीन हड़पने की नियत से जबरन गलत पैमाइश करवाने का आरोप लगाकर न्याय का दामन फैलाया है। बताया जाता है कि राजस्व विभाग से जुड़े उक्त विपक्षीगण काफी दबंग किस्म के लोग हैं। कई वर्षों से सरकार की आँखों में धूल झोंक कर विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत करके गैरों की कीमती जमीनों को दबंगई के बल पर हड़पने का घृणित खेल खेलते आ रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि बीते दिनों जब धर्मराज शुक्ल के भाई रामेश्वर प्रसाद शुक्ल की पत्नी कंचन शुक्ला ग्राम प्रधान थीं, तब उनका सारा कार्यभार परशुराम शुक्ला देखा करता था। उन्हीं दिनों वर्ष 2010 से 2015 के बीच में उन्होंने चक मार्ग गाटा संख्या 10 की पटाई ग्राम समाज की जमीन पर गलत तरीके से करवाया था, जिसे आधार मानकर इन दिनों यह दबंग आये दिन हल्का लेखपाल से मिलकर दबंगई पूर्वक जबरन गलत पैमाइश करवाने पर आमादा है।
पीड़ित कृष्ण कुमार ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में यह भी दर्शाया है कि चकबंदी के दौरान जो भूमि का अंश उन्हें मिला था, उसी पर वह काबिज है, बावजूद इसके हल्का लेखपाल विपक्षीगणों के दबाव में आकर जबरन गलत पैमाइश पर आमादा है। इतना ही नहीं, पीड़ितों के अनुसार जो राजस्व भू मानचित्र के कागजात उसके पास हैं, वो कागजात लेखपाल के कागजात से मेल नहीं खाते हैं। बावजूद इसके ऊँचे रसूख के चलते यह बेलगाम लेखपाल कुछ सुनने को तैयार नहीं है। वह सरकार की इतनी सख्ती के बावजूद सारे नियम कानून को अपनी जागीर समझ रहा है और खुलेआम शासन प्रशासन की आँखों में धूल झोंक रहा है। पीड़ित का कहना है कि बेखौफ लोगों के इस रवैये से उसके घर की जल निकासी भी काफी प्रभावित हो गयी है। उसने यह भी बताया कि उक्त विपक्षीगणों के पास केवल 88 डिसमिल खेतौनी थी, लेकिन लोगों की जमीनों को हड़प कर ये लोग इन दिनों कुछ भ्रष्ट लेखपालों व अधिकारियों के चलते लगभग 7 बीघे जमीन के मालिक बन बैठे हैं। हद तो यह है कि शिकायतों के बाद भी विभागीय अधिकारी मौनी बाबा बने हुए हैं।
थाने का भी चक्कर लगा रही पीड़ित महिला
रामनगर बनकट गांव की महिला मोतीगंज थाने का भी चक्कर लगा रही है। समाधान दिवस में थाने पर लिखित शिकायत कर उपरोक्त दबंगों द्वारा अवैध रूप से जमीन पर किए गए कब्जे को खाली कराने की मांग की। इस पर थानाध्यक्ष ने तत्काल मौके पर दरोगा को जांच कर कार्रवाई करने के लिए भेजा लेकिन पुलिस देखकर अवैध कब्जे के आरोपी मौके से भाग निकले।



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