24 वर्ष पूर्व हुई साले की हत्या में महाराष्ट्र कोर्ट ने चचेरे भाईयो को सुनाई थी सजा, पेरोल के दौरान हुए थे फरार
ख़ुर्शीद खान
सुलतानपुर। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 24 वर्ष पूर्व की गयी हत्या में सजायफ्ता होने के बाद पेरोल के दौरान फरार हुए वांछित अपराधी को महाराष्ट्र पुलिस ने एसटीएफ लखनऊ टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया। जिसे ट्रांजिट रिमांड के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। फिलहाल कोर्ट ने एसटीएफ निरीक्षक की अर्जी को अभिलेखों के अभाव में स्वीकार ही नही किया।
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मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के सराय अचल- पखरौली से जुड़ा है। जहां के रहने वाले वेदप्रकाश सिंह व उसका चचेरा भाई अशोक सिंह अपने साले के साथ महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रहते थे। मिली जानकारी के मुताबिक अपने साले की ही प्रापर्टी हड़पने के चक्कर मे वेद प्रकाश सिंह व अशोक सिंह ने मिलकर वर्ष 1994 में उसकी हत्या कर दी थी। जिसमें विचारण के उपरांत अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा भी सुनायी थी। जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपी किसी आवश्यक काम के बहाने कोर्ट के आदेश पर पेरोल पर करीब सत्रह वर्ष पूर्व रिहा हुए थे। पेरोल के दौरान दोनों सजायाफ्ता चचेरे भाई फरार हो गए। तब से कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भी उन्होंने महाराष्ट्र की तरफ पलटकर नही देखा और लगातार वहां की पुलिस से दूरी बनाए रखे। इस सम्बंध में दोनों के खिलाफ भादवि की धारा 224 के अन्तर्गत मुकदमा भी दर्ज हुआ था। दोनों चचेरे भाईयों की तलाश कई वर्षों से पुलिस कर रही थी। बुधवार को महाराष्ट्र पुलिस ने एसटीएफ लखनऊ टीम के निरीक्षक अंजनी तिवारी व उनके सहयोगियों की मदद से फरार चल रहे सजायाफ्ता वेद प्रकाश सिंह को जिलाधिकारी आवास के निकट स्थित सिंह आप्टिकल्स से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ निरीक्षक अंजनी तिवारी के मुताबिक वेद प्रकाश सिंह काफी समय से चश्मे की दुकान कर पुलिस की आंखों में धूल झोंककर बचता चला आ रहा था। जिसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया गया।
अभिलेखों के अभाव में कोर्ट से नही मिला ट्रांजिट रिमांड
महाराष्ट्र कोर्ट के समक्ष वेद प्रकाश को हाजिर करने के लिए पुलिस को ट्रांजिट रिमांड की आवश्यकता थी। जिसके मद्देनजर उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन कुछ जरूरतमंद कागजात न उपलब्ध होने के चलते सीजेएम विजय कुमार आजाद ने वेद प्रकाश का ट्रांजिट रिमांड स्वीकार करने से इंकार कर दिया। नतीजतन महाराष्ट्र पुलिस व एसटीएफ टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा। एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि अब वेद प्रकाश को यात्रा में बीते समय का हवाला देते हुए महाराष्ट्र कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

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