सुनील गिरी
हापुड़। गुरूवार को विकास खण्ड हापुड़ की ग्राम पंचायत उपैड़ा के प्राथमिक विद्यालय नं0-1 का मुख्य विकास अधिकारी दीपा रंजन ने निरीक्षण किया। इस स्कूल का हाल ही में सौन्दर्यीकरण कराया गया है। सौन्दर्यीकरण के बाद यह पहला निरीक्षण है निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, स्कूल की प्रधानाचार्य समेत आगंनबाड़ी कार्यकत्री एवं स्वंय सहायता समूह से जूड़ी महिलाऐं मौजूद रहीं। मुख्य विकास अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि पंचायत राज विभाग के सहयोग से स्कूल बहुत अच्छा हो गया है। उन्होने प्रधानाचार्य से शिक्षा की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी कहने के लिए कहा। निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी हापुड़ ने पेयजल, हैण्डवास, शौचालय की व्यवस्था बहुत अच्छी पायी। उन्होने पाया कि स्कूल में सभी बच्चों के लिए आर0ओ0 के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गयी है। निरीक्षण के दौरान विकलांग मैत्री शौचालय, बालक और बालिका मैत्री शौचालय पाये गये बालिका शौचालय में हैंगर की भी व्यवस्था थी। शौचालय हैण्डवास की व्यवस्था साबुन के साथ की गयी है। मिड-डे-मिल खाने से पहले भी साबुन से हाथ धौने की भी व्यवस्था भी की गयी है। स्कूल में मिड-डे-मिल के मीनू का प्रर्दशन, बाल अधिकारों का प्रदर्शन और विभिन्न स्थानों पर अच्छे स्लोगन का प्रर्दशन किया गया है, स्कूल में स्मॉट क्लास के लिए प्रोजेक्टर लगाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने इस अवसर पर स्कूल में आये ग्रामीणों से पूछा कि उनको स्कूल कैसा लग रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है। ग्राम प्रधान ने स्कूल के लिए प्ले ग्राउन्ड न होने की समस्या बतायी। पास ही पानी की टंकी के पास एक खाली जगह दिखाई। मुख्य विकास अधिकारी ने इस पर विचार करने का अश्वासन दिया प्रधानाचार्य की ओर से दो अध्यापको को बी0एल0ओ0 ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत को विकसित और स्वस्थ बनाने पर भी ग्राम प्रधान व उनके
साथ आये लोगो से चर्चा की और उनको प्रोत्साहित किया। ग्राम पंचायत में डिजीटल पेमेन्ट, वाई फाई की सुविधा, ग्राम पंचायत को ई-विलेज के रूप में विकसित करने की सम्भावनाओं पर भी चर्चा की गयी। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव को कारगर कदम उठाने के निर्देश दिये गये।
मुख्य विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की जानकारी ली उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने व इलाज के योग्य पाये जाने वाले बच्चों को कुपोषण पुनर्वास केन्द्र भेजने के निर्देश दिये।
ग्राम पंचायत में ठोस व तरल कचरा प्रबन्धन, बायो गैस के लिए सर्वे करने और उसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये ग्राम प्रधान को उन्होने कहा कि ग्राम पंचायत का राजस्व बढ़ाने की कार्ययोजना पर कार्य करें। कहां-कहां से ग्राम पंचायत का कितना राजस्व बढ़ सकता है इसकी सम्भावना तलाशें। प्रशासन, पंचायती राज विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायत भी प्रयास करें तभी ग्राम पंचायत विकसित, स्वस्थ और सुरक्षित बन सकती है।


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