रोजगार के नाम पर पकोड़े तलने के भाजपा की नीतियों के खिलाफ यूथ काग्रेसियों ने पकौड़े का स्टाल लगा, किया प्रदर्शन
शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर नगर के अंबेडकर चौराहे पर पकौड़ा बेचकर प्रदर्शन किया । उक्त प्रदर्शन प्रधानमंत्री के "पकौड़ा बेचना बेरोजगार है" को लेकर हुआ । शुक्रवार को अंबेडकर चौराहे पर यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में जूटे कांग्रेसियों ने पकौड़ा का स्टॉल लगाया यूथ कांग्रेस के विरोध के इस अंदाज से आकर्षित सैकड़ों लोग ठेले तक पहुंचे और रोजगार के नाम पर पकोड़े तलने के भाजपा की नीतियों के खिलाफ पकोड़े खाए ।
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| डिग्रीधारी पकौड़ा बिक्रेता |
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर नीरज त्रिपाठी ने कहा कि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर पकोड़े बेचने के लिए पढ़ाई नहीं किया है । उन्होंने कहा कि वादे पूरे करने के बजाए भाजपा सरकार युवाओं को पकौड़ा बेचने की सलाह दे रहे हैं । 2014 में चाय के नाम पर और अब 2019 में पकौड़े के नाम पर युवाओं को छलने के फिराक में है ।
इस मौके पर लोकसभा उपाध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने कहा कि सरकार युवाओं से कह रही है कि वह शिक्षा ग्रहण कर पकोड़े बेचें, जबकि सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएं। लोकसभा चुनाव में रोजगार देने के वादे पर खरी न उतरते हुए भाजपा सरकार पकौड़ी के नाम पर रोजगार की बात कर रही है । इस दौरान मौजूद अंशुमान ने कहा कि यदि पकौड़ा बेचना नौकरी है तो फिर भीख मांगने को भी रोजगार के लिए एक विकल्प के रूप में देखना चाहिए । एक के बाद एक किए गए वादे पर भाजपा सरकार झूठी साबित हुई है और नौकरियां के अवसर पैदा करने के मामले में फेल हो चुकी है । इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष अमित ने कहा कि देश के बेरोजगारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में फेल हो चुकी भाजपा सरकार जो बयान बाजी कर रही है इसका जवाब देश के युवा आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव में जरूर देंगे । गौरव त्रिपाठी ने कहा कि पकोड़े के पीछे सरकार अपनी नाकामी छुपा रहीहै। इस मौके पर जिला अध्यक्ष नरसिंह प्रकाश मिश्र, इरफान अली, जूनियर बार अध्यक्ष रोहित शुक्ला, डॉक्टर बी के सिंह, सलमा, गप्पू तिवारी, अमित मिश्रा, दुर्गेश, शिवाकांत, नीरज अग्रहरि, जितेंद्र ओझा, ओम नारायण पांडे, शुभम, शाकिर, शशिकांत आदि लोग मौजूद रहे ।
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