सुनील गिरी
हापुड। फ्रि गंज रोड स्थित एक वाटिका मे ‘‘जिंदगी के सपने‘‘ पुस्तक का विमोचन किया गया जिसके लेखक एक साधारण पविार मे जन्मे सेन्ट्रल इलेक्ट्रनिक्स लिमिटेड मे कार्यरत रडार और माइक्रोवेव इंजीनियर सुरेन्द्र सरेख है । पुस्तक के विमोचन के दौरान सुरेन्द्र सरेख ने बताया की उनका जन्म 1974 को उत्तर प्रदेश मे आजमगढ जिले के गांव दुबावॉ मे एक साधारण परिवार मे हुआ था। उनहोने पुस्तक को समर्पित अपनी पत्नी ज्योति बाला सरेख को जिनके असाधारण सहयोग से यह रचना अवतरित हुई, उनहोने बताया की मेरे बच्चे साहिल सरेख व विहान सरेख इस रचना के प्रेरणास्रोत रहे है। व अपने गांव दुबावॉ वासियो को जिनके यहॉ रहकर जीवन के अंसाधारण अनुभव प्राप्त किये । पुस्तक मे जिंदगी मेरे सपनो के मुकाबिल तो हो, उठ रहे है धुएॅ शहर के कोन-कोने से आदि की रचना की । विमोचन के दौरान रामगोपाल सिह, सुनेस, जितेन्द्र कुमार, हुक्म सिह, मनोज कुमार, राकेश कुमार, ज्योतिबाला, सौमिल सिह आदि मौजूद रहे।


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