ग्रामनिधि से कराये गये कार्यो की हो जाँच तो फँसेगी बडी मछली
अमरजीत सिंह
फैजाबाद:जनपद के मवई ब्लाक मे बीते वित्तीए वर्ष मे चौदवाँ वित्त से कराये गये कार्यो का पंचायतो मे नही हुआ स्थलीय सत्यापन।ग्राम पंचायतो मे एक तरफ केन्द्र व प्रदेश सरकार द्धारा चौदवाँ वित्त के माध्यम से भारी भरकम धनराशि दी जा रही है।वही जिम्मेदार भी इस रकम को बड़े पैमाने पर बन्दरबांट करने भी बडी जिम्मेदारी से लगे है। मवई ब्लाक क्षेत्र मे धन के बँदरबाट का आलम यह है की भारी भरकम धनराशि होने के बावजूद पिछले वित्तीय वर्ष मे पूरे ब्लाक क्षेत्र मे सैकडो हैंडपम्प कागज पर रिबोर हो गए जबकि वास्तविकता कुछ और है।मरम्मत के नाम पर पंचायतों मे लाखो रूपया डकारा गया लेकिन फिर भी नाली से पानी निकासी गाँवो मे नही हो रहा है।और काफी वर्षो से मरम्मत के इन्तजार मे है सार्वजनिक रास्ते उदाहरण के रूप मे ब्लाक क्षेत्र के रजनपुर पंचायत मे देखा गया तो पता चला नाली बन्द पडी है पानी रास्ते पर से निकल रहा है और वर्षो से सार्वजनिक रास्ते मरम्मत के इन्तजार मे जर्जर हो गए है सार्वजनिक रास्ते।जबकि मरम्मत व गाँव के विकास के लिए उक्त निधि द्वारा लगभग सात लाख रूपया पंचायत ने बिना वर्क आईडी के खाता से निकाला गया और गाँव मे काम सिर्फ कागज पे हुआ है।ग्रामीण अमीरे ने बताया की रजनापुर गाँव मे ग्राम प्रधान व सम्बन्धित सचिव ने आज तक सिर्फ जेबे भरी है।सवाल यह उठता है कि जब बिना वर्क आईडी के धन निकाला गया तो एडीओ पंचायत मवई द्धारा खाते पर रोक क्यो नही लगाया गया।जबकि पंचायतो मे कार्यो का सत्यापन एडीओ पंचायत को करना चाहिए लेकिन लाखो निकाले जाने के बाद भी उन पंचायतों के खाते यथावत चल रहे है।और यही हाल मवई ब्लॉक क्षेत्र के कमोवेश सभी ग्राम पंचायतों का है।इस सम्बन्ध मे एडीओ पंचायत अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया की पंचायतों के माँगने पर काम कराने की स्वीकृति व आईडी दी जाती है। लेकिन बिना स्वीकृति के धन निकाले जाने के सम्बन्ध मे चुप रहे।इस बावत डीसी मनरेगा फैजाबाद नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष मे पंचायतो मे कराये गये समस्त कार्यो का लगेगा बोर्ड।जिससे ग्रामीणो को शासन द्धारा भेजे जा रहे धन की होगी जानकारी


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